TDP

पार्टी के विधान परिषद सदस्य(एमएलसी) अन्नाम सतीश प्रभाकर ने टीडीपी से इस्तीफा देकर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में भाजपा का दामन थाम लिया है।

यह इमारत नायडू सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 8 करोड़ रुपये की कीमत से बनी थी। इस बिल्डिंग में चंद्रबाबू नायडू अधिकारियों, पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग करने के अलावा जनता दरबार भी लगाते थे।

दोनों अपनी सफाई में कहते हैं कि वह निर्दोष हैं और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। बता दें कि पिछले साल नवंबर में भाजपा सासंद और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने चौधरी और रमेश को आंध्र प्रदेश के माल्या कहा था।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आंध्र प्रदेश में 175 सदस्यीय वाले विधानसभा में 151 सीटें जीत ली है और साथ ही इसने 25 में से 22 लोकसभा सीटें भी अपने नाम कर ली है।

लोकसभा चुनावों का प्रचार थमने के बाद रविवार को अंतिम चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। इस बीच नई सरकार बनाने को लेकर अभी से विपक्ष की मोर्चेबंदी तेज हो गई है। इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू शनिवार को नई दिल्‍ली में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक की।

बैंक फ्रॉड से जुड़े एक मामले में टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी से सीबीआई ने पूछताछ की है। वाईएस चौधरी साल 2014 से 2018 के बीच मोदी सरकार में राज्‍य मंत्री थे, हालांकि बीते साल टीडीपी ने केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद वाईएस चौधरी ने राज्‍य मंत्री के पद से इस्‍तीफा दे दिया था।

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि ईवीएम को लेकर उनकी लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी, बल्कि वह अन्य राज्यों में जाएंगे व दूसरी पार्टियों के नेताओं से मिलेंगे और लोगों में जागरूकता लाने के लिए जनसभाएं करेंगे। 

आंध्र प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा के लिए जारी पहले चरण के मतदान के दौरान कई जगह से झड़प और मारपीट की सूचनाएं सामने आई हैं। अनंतपुर के ताडीपत्री में वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में टीडीपी नेता एस. भास्कर रेड्डी की मौत हो गई।

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को चुनाव आयोग को हर विधानसभा क्षेत्र के कोई भी पांच मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी पर्चियों को ईवीएम से मिलान करने का निर्देश दिया है।

तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) तेलंगाना में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। टीडीपी के कई शीर्ष नेता पार्टी छोड़कर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए हैं और बाकी नेता चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। समझा जाता है कि पार्टी की तेलंगाना इकाई ने अगले महीने होने वाले चुनाव में उम्मीदवार न उतारने का निर्णय लिया है।