TMC

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी लोकसभा चुनाव में खूब सुर्खियां बटोर चुकी हैं। जिसको लेकर चुनाव आयोग भी सख्त कार्रवाई कर चुका है।

लोकसभा चुनाव में देशभर में सबसे ज्यादा हिंसा पश्चिम बंगाल में हुई है। पहले चरण से लेकर आखिरी चरण रविवार तक ममता के राज्य में भारी हिंसा हुई है। रविवार को पश्चिम बंगाल के भाटपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में आज चुनाव से पहले ही हिंसा भड़क गई है। यहां गाड़ियों में आग लगा दी गई है और बम फेंकने की खबर है। बता दें कि बम फेंकने का एक वीडियो पहले भी सामने आ चुका है।

टीएमसी ने अपनी चिट्ठी में कहा कि चुनाव आयोग इस पर आंख और कान बंद करके बैठा हुआ है। पार्टी ने आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह का चुनाव प्रचार नैतिकता के खिलाफ और गलत है।

मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने बंगाल हिंसा और चुनाव आयोग के फैसले को लेकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि बंगाल में भाजपा के दबाव में चुनाव आयोग ने प्रचार रोका है।

 प्रधानमंत्री मोदी आज बंगाल में दो रैलियों को संबोधित करेंगे, तो वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी आज चार सभाओं को संबोधित करेंगी। बंगाल में चुनाव आयोग ने प्रचार के समय को घटा दिया है, जिस वजह से आज रात 10 बजे तक ही प्रचार हो पाएगा।

इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने बंगाल ADG CID राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल से गृह मंत्रालय बुला लिया। इसके अलावा चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में कल(16 मई) से ही रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है।

भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी 23 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भाजपा-कांग्रेस के बिना एक संघीय मोर्चे का प्रस्ताव दिया है।

अमित शाह के आरोपों के बाद अब टीएमसी ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके पलटवार किया है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर कई आरोप लगाए।

अमित शाह ने कहा कि कल यदि सीआरपीएफ नहीं होती तो मेरा वहां से बचकर निकलना मुश्किल था। सौभाग्य से ही मैं बचकर आया हूं। कल की घटना की कलकत्ता हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट से जांच करा लें।

रविवार को नौ संसदीय क्षेत्र दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, दक्षिण कोलकाता और उत्तर कोलकाता में मतदान होगा।