Triple Talaq Bill

बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े। बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव पहले ही गिर चुका था। लोकसभा से इस बिल को मंजूरी दी जा चुकी है अब कानून में संशोधन करने का रास्ता साफ हो गया है।

यह याचिका अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद अली ने दायर की है। इस जनहित याचिका में इस अधिनियम की धारा 3 और 4 को रद्द करने की मांग की गई।

बता दें कि तीन तलाक बिल संसद के दोनों सदनों से पहले ही पास हो चुका है। मोदी सरकार ने इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करवाया था।

यह बिल आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में आरटीआई संशोधन जैसे बिलों की सफलता से उत्साहित बीजेपी अपने पक्ष में जरूरी नंबर जुटाने में लग गई है।

तीसरी बार लोकसभा में पेश किया गया तीन तलाक बिल एक बार फिर से पास हो गया है। कांग्रेस समेत डीएमके, एनसीपी और कई विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का विरोध जरुर किया। लेकिन फिर भी इस बिल को पास कर दिया गया।

लोकसभा में गुरुवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश कर दिया गया है। बिल पर चर्चा करते हुए कानून मंत्री रविशकंर प्रसाद ने ट्रिपल तलाक बिल पर लोकसभा में कहा, "ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 24 जुलाई, 2019 तक ट्रिपल तलाक के 345 मामले सामने आ चुके हैं।' साथ ही उन्होंने कहा कि यह इंसाफ और इंसानियत का मामला है, हमें मुस्लिम बहनों की चिंता है। 

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में भारी हंगामे के बीच यह बिल पेश किया। सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तीन तलाक पर बिल लाया गया था लेकिन लोकसभा से पारित हो जाने के बाद यह बिल राज्यसभा से पास नहीं हो पाया था।

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