Unnao

उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इस बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी है।

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता जिंदगी से लड़ते हुए हार गई। पीड़िता की मौत से दुखी पिता ने हैदराबाद एनकाउंटर की तरह दरिदों को सजा मिलने की मांग की है। पीड़िता के पिता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे किसी धन की लालच नहीं है। मेरी सिर्फ एक ही मांग है कि मेरी बेटी को मौत के बाद इंसाफ मिले।

उत्तर प्रदेश में उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में किसानों और पुलिस के बीच जमीन अधिग्रहण मामले को लेकर चल रहा हंगामा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। शनिवार से जारी यह बवाल रविवार को भी जारी रहा। आज किसानों के हंगामे ने हिंसक रूप ले लिया है। गुस्साएं किसानों ने कथित तौर पर पावर हाउस में रखे पाइपों में आग लगा दी।

बता दें कि अप्रैल 2018 में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। फिलहाल उन पर सीबीआई कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।

सेंगर के नाम पर एक बंदूक, एक राइफल और रिवाल्वर शामिल हैं। जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने इस प्रकरण की सुनवाई की थी जिसमें विधायक के पक्ष के वकील नहीं पहुंचे। इसके बाद उन्होंने आयुध लिपिक को कार्यालय बुलाकर शस्त्र लाइसेंस नियमावली के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और विधायक के तीनों हथियारों का लाइसेंस रद्द करने का आदेश दे दिया।

उत्‍तर प्रदेश के उन्‍नाव दुष्‍कर्म में आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर जरूरत महसूस हुई, तो उन्‍नाव दुष्‍कर्म से जुड़े सभी केस यूपी से बाहर ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस केस से जुड़े सीबीआई अधिकारियों को भी तलब किया।

उन्‍नाव रेप पीड़िता की कार की रहस्‍यमय टक्‍कर मामले की जांच हाथ में लेने के बाद सीबीआई एक्‍शन में है। सीबीआई ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 के खिलाफ केस दर्ज किया है।

जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया, "दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को हाईकोर्ट से एक दिन के पैरोल की स्वीकृति मिली है। पीड़िता के चाचा अंतिम संस्कार के लिए घाट पर पहुंचेंगे। वे बुधवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक पैरोल पर रहेंगे। उधर पीड़िता की चाची का शव भी उन्नाव के माखी गांव पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने पीड़िता के घर की सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने रास्ते के साथ ही घाट पर भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं।"

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी. सिंह ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को तीन निजी सुरक्षा कर्मी दिए गए थे लेकिन कार में जगह नहीं होने के कारण पीड़िता ने सुरक्षा कर्मियों वहीं रुकने के लिए कहा था।

बताया जा रहा है कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के चाचा जेल में बंद हैं। चाचा से मिलने के लिए पीड़िता, उसकी चाची और वकील महेंद्र सिंह रायबरेली जेल जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी।