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Oxford Astrazeneca: इन दोनों वैक्सीन(Vaccine) को स्टोर करने के लिए तापमान में भी अंतर है। जहां फाइजर(Pfizer) की वैक्सीन को स्टोर करने के लिए माइनस 70 डिग्री के तापमान की जरूरत होगी वहीं एस्ट्राजेनेका के लिए ऐसा जरूरी नहीं है और सामान्य परिस्थितियों में भी इसे स्टोर किया जा सकता है। 

विश्व में कोरोना का कहर जारी है। इस बीच एक राहत की खबर सामने आ रही है। ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca coronavirus vaccine) द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को भारत अगले हफ्ते तक मंजूरी दे सकता है।

नई दिल्ली। पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस का कहर झेल रही है। ऐसे में दुनिया में कोरोना मरीजों का...

कोरोना(Corona)के परिणामों को लेकर उन्होंने कहा कि, आज 2 बिलियन से अधिक लोग क्वारंटाइन हैं। सामाजिक अलगाव(Social Distancing) का एक रूप वर्षों से मौजूद है और बहुत ही हानिकारक है।

कोरोना(Corona) के नए मामले अब 90 हजार से अधिक आ रहे हैं। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत(India) में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 92 हजार 071 नए मामले सामने आए और 1,136 मौतें हुई हैं।

आपको बता दें कि इस परीक्षण(Vaccine testing) को लेकर पिछले दिनों एक मरीज में टीके का दुष्प्रभाव सामने आए थे। जिसके बाद इस परीक्षण पर रोक लगा दी गई थी।

देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दुनिया भर में सैकड़ों देश कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कवायद कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा, “हमारे वैज्ञानिक इस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। कोविड-19(Covid-19) के खिलाफ तीन टीकों का परीक्षण विभिन्न चरणों में है। और अगर हम टीका बनाने में सफल होते हैं तो सबसे पहले हमारे कोरोना(Corona) योद्धाओं को इसे लगाया जाएगा।”

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने टीकों में खास तौर से इसी केकड़े के खून से ही बैक्टिरिया संक्रमण को दूर रखने की कोशिश की है। हालांकि इस प्रजाति के केकड़ों की संख्या दुनियाभर में काफी कम होती जा रही है।

ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca), ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर सितंबर माह तक 2 बिलियन कोरोना वैक्सीन का उत्पादन करने की योजना बना रही है।