vaccine

कोरोना पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इस खतरनाक वायरस का मरीज 11 दिनों के बाद किसी दूसरे को संक्रमित नहीं कर सकता है।

वैक्सीन खोजने की कड़ी में थाईलैंड ने वैक्सीन को लेकर थोड़ी बहुत उम्मीद जगाई है। थाईलैंड अब वैक्सीन ट्रायल के अगले चरण में पहुंच गया है।

कोरोना वायरस से बीमार मरीजों को फायदा पहुंचाने वाली पहली और एकमात्र दवा से जुड़ा डेटा पहली बार प्रकाशित किया गया है।

कुछ लोग जो कोरोनावायरस से ठीक भी हुए थे वो अब इलाज के बाद फिर से संक्रमित होने लगे हैं। ऐसे कई देश है जहां से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।

वर्तमान में 5 ऐसी दवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोना के इलाज में किया जा रहा है और ये दवाएं मरीजों को ठीक भी कर रही हैं।

Moderna Inc. ने दावा किया है कि उसका पहला ट्रायल सफल हुआ है। इसकी वैक्सीन के जरिए शरीर में एंटीबॉडीज बन रही हैं, जो कोरोना वायरस के हमले को काफी कमजोर बना देती हैं।

बांग्लादेश के डॉक्टरों की एक टीम ने दावा किया है कि व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली दो दवाओं के मिश्रण पर उनके अनुसंधान के कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण वाले रोगियों के उपचार में ‘‘आश्चर्यजनक परिणाम’’ सामने आए हैं।

इस बीच ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के इलाज के लिए बनाई गई वैक्सीन को छह बंदरों पर टेस्ट किया है। टेस्ट के परिणाम सकारात्मक आए हैं।

कोरोनावायरस के ऐसे ऐसे लक्षण सामने आ रहे हैं जो अब वैज्ञानिकों को परेशान करने लगे हैं। ये वायरस खुद को म्यूटेट कर सकता है या नहीं इसको लेकर भी अबतक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

अमेरिका में भारतीय राजदूत टीएस संधू ने रविवार को कहा कि कोरोनावायरस संकट ने अमेरिका को दिखाया कि ऐसे समय में दुनिया में भारत से बड़ा साझेदार कोई नहीं है।