vaccine

Moderna Inc. ने दावा किया है कि उसका पहला ट्रायल सफल हुआ है। इसकी वैक्सीन के जरिए शरीर में एंटीबॉडीज बन रही हैं, जो कोरोना वायरस के हमले को काफी कमजोर बना देती हैं।

बांग्लादेश के डॉक्टरों की एक टीम ने दावा किया है कि व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली दो दवाओं के मिश्रण पर उनके अनुसंधान के कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण वाले रोगियों के उपचार में ‘‘आश्चर्यजनक परिणाम’’ सामने आए हैं।

इस बीच ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के इलाज के लिए बनाई गई वैक्सीन को छह बंदरों पर टेस्ट किया है। टेस्ट के परिणाम सकारात्मक आए हैं।

कोरोनावायरस के ऐसे ऐसे लक्षण सामने आ रहे हैं जो अब वैज्ञानिकों को परेशान करने लगे हैं। ये वायरस खुद को म्यूटेट कर सकता है या नहीं इसको लेकर भी अबतक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

अमेरिका में भारतीय राजदूत टीएस संधू ने रविवार को कहा कि कोरोनावायरस संकट ने अमेरिका को दिखाया कि ऐसे समय में दुनिया में भारत से बड़ा साझेदार कोई नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो इस महामारी की रोकथाम के लिए फिलहाल दुनिया की 102 संस्थाएं वैक्सीन खोजने में जुटी हुई हैं।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जहां दुनियाभर में मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) और इबोला की दवा रेमेडिसिविर की भारी मांग है।

अमेरिका के एरिजोना में वैज्ञानिकों ने कोरोना के SARS-CoV-2 वायरस में ऐसे अनूठे म्यूटेशन (बदलाव) और जेनेटिक पैटर्न का पता लगाया है जो 17 साल पहले सार्स वायरस के संक्रमण के समय देखा गया था।

मौजूदा समय में लगभग हर देश कोरोना के कहर का सामना कर रहा है। ऐसे में दुनियाभर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से यही उम्मीद की जा रही है कि वो जल्द से जल्द कोरोनावायरस की वैक्सीन तैयार करें।

अब तक अमेरिकी सरकार के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनवरी 2021 तक कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध होनी की बात कही है। ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है देश के पास जल्द ही वैक्सीन होगी।