Varanasi

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आधी रात को काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद अचानक चौक थाने का निरीक्षण करने पहुंच गए।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान (एसवीडीवी) विभाग के छात्रों ने विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में मुस्लिम प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति के खिलाफ फखवाड़े भर से चल रहे अपने प्रदर्शन को समाप्त करने का फैसला किया है।

कार्तिक महीने की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहा जाता है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा आज यानी 12 नवंबर को मनाई जा रही है। आज के दिन भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागे थे जिससे प्रसन्न होकर समस्त देवी-देवताओं ने पूर्णिमा को लक्ष्मी-नारायण की महाआरती कर दीप प्रज्वलित किए। इस दिन भगवान विष्णु का व्रत, दान व पूजन का विधान है। कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान एवं तीर्थ स्थान पर स्नान दान का बड़ा महत्व माना जाता है। यह दिन देवताओं की दीपावली माना जाता है।

वाराणसी के सिगरा स्थित काशी विद्यापीठ विद्यालय के नजदीक स्थित भगवान शिव पर्वती के मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं को यहां के पुजारी और कुछ भक्तों ने मास्क पहना दिया है।

पीएम ने कहा कि देश में इस समय त्योहार का वातावरण है। उत्साह, उमंग का माहौल है। आप सब दीपावाली, छठ पूजा जैसे उत्सवों की तैयारी में जुटे होंगे। इस अवसर पर आप सभी से मिलना मेरे लिए भी खास हो जाता है।

दरअसल, पीएम मोदी ने एक ट्वीट किया जिसमें बताया गया कि वो नमो एप के जरिए बनारस की जनता के साथ 24 अक्टूबर को संवाद करेंगे। इसके बाद बनारस की तमाम मुस्लिम महिलाओं ने भी नमो एप की डाउनलोड किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर को अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे। पीएम मोदी ने  ट्विटर के जरिए यह जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि स्कंदगुप्त के इतिहास को पन्नों पर स्थापित करने की जरूरत है। अमित शाह गुरूवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित संगोष्ठी 'गुप्त वंश के वीर : स्कंदगुप्त विक्रमादित्य का ऐतिहासिक पुन: स्मरण एवं भारत राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य' विषय पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

पुलिस ने वोटर आई कार्ड, आधार और बिजली-पानी के बिलों की जांच पड़ताल भी की। पुलिस को अपनी जांच में मालूम पड़ा कि यहां पर कई ऐसे लोग रह रहे हैं जो पंजाब या फिर बांग्लादेश से ताल्लुक रखते हैं।

इस भीषण बारिश ने जान माल का भी नुकसान किया है। यूपी में अब तक करीब 80 जाने जा चुकी हैं। जबकि बिहार में 29 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। पिछले 60 सालों में मानसून इतना देर से कभी नहीं लौटा है।