Vijay Mallya

इस फैसले से पहले शराब कारोबारी विजय माल्या ने कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक राहत पैकेज के ऐलान पर केंद्र सरकार को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकार को उससे सारा पैसा वापस ले लेना चाहिए।

माल्या ने गुरुवार को एक बार फिर सरकार से अपने कर्ज की 100 प्रतिशत राशि चुकाने के प्रस्ताव को स्वीकार करने और उसके खिलाफ मामला बंद करने को कहा है। 

अधिकारी ने कहा कि युनाइटेड किंगडम (यूके) में कार्यप्रणाली थोड़ी अलग है, क्योंकि माल्या को हाईकोर्ट के माध्यम से ही शीर्ष अदालत तक पहुंचना होगा।अधिकारी ने कहा कि माल्या को हाईकोर्ट को यह समझाना होगा कि उन्हें आखिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की जरूरत क्यों है।

माल्‍या ने इस साल फरवरी में खुद को भारत प्रत्‍यर्पित किए जाने के खिलाफ इंग्लैंड और वेल्स की हाईकोर्ट में उक्‍त याचिका दाखिल की थी। माल्‍या मार्च, 2016 में देश छोड़कर भाग गया था। तब से वह ब्रिटेन में ही रह रहा है।

20 साल से देश से फरार बुकी संजीव चावला की गिरफ्तारी से देश के भीतर हड़कंप की स्थिति है। देश के भीतर के कई सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने कैफे कॉपी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ के बहाने खुद अपना दुखड़ा रोया है। माल्या के मुताबिक वीजी सिद्धार्थ बहुत ही अच्छे शख्स थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह इनकम टैक्स के लोगों ने उन्हें परेशान किया ठीक उसी तरह उनके साथ भी होता रहा है।

मोदी सरकार की कार्यवाही का असर ब्रिटेन में भी दिख रहा है। विजय माल्या को कई बार सार्वजनिक तौर पर "चोर" कहकर हूट किया जा चुका है। विश्व कप का मैच देखने पहुंचे माल्या को चोर कहकर हूट करने का वीडियो खासा वायरल हुआ था।

देश में घोटाला करके भागकर लंदन में जा बसे विजय माल्या को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। दरअसल, माल्या ने अपने और अपनी संपत्ति पर कार्रवाई करने से रोक की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। 

भारतीय व्यवसायी विजय माल्या के हाथों से कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) की टीम बारबाडोस ट्रीडेंट्स का मालिकाना हक जाएगा। लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेमियन ओ डोनोहोए ने कहा है कि टीम के मालिकाना हक को स्थानांतरित करने के लिए कई लोगों से बात चल रही है।

लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने दिसंबर में माल्या के भारत प्रत्यर्पण की इजाजत दी थी। फरवरी में यूके के गृह विभाग ने भी मंजूरी दे दी थी। उसके बाद माल्या ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।