Vijay Mallya

Vijay Mallya: 9,000 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज मामले में विजय माल्या(Vijay Mallya) आरोपी है। उन्होंने मार्च 2016 से ही ब्रिटेन को अपना ठिकाना बनाया है। हालांकि अभी विजय माल्या जमानत पर है।

27 अगस्त को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल भगोड़े कारोबारी माल्या (Vijay Mallya)ने सुप्रीम कोर्ट के नौ मई 2017 के उस आदेश पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की थी, जिसमें उसे न्यायिक आदेशों को दरकिनार कर अपने बच्चों के खातों में चार सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर स्थानांतरित करने पर अदालत की अवमानना का दोषी करार दिया गया था।

पीठ एक हस्तक्षेप आवेदन पर जवाब की तलाश में थी, जो ऐसा मालूम पड़ा कि मामले के कागजात से गायब हो गया है। मामले में शामिल पक्षों ने नई प्रतियां दाखिल करने के लिए और समय मांगा।

भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या मोदी सरकार के सख्त फैसलों से घबरा गया है। उसका कहना है कि वो बैंकों का सभी बकाया चुकाने को तैयार है।

इस फैसले से पहले शराब कारोबारी विजय माल्या ने कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक राहत पैकेज के ऐलान पर केंद्र सरकार को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकार को उससे सारा पैसा वापस ले लेना चाहिए।

माल्या ने गुरुवार को एक बार फिर सरकार से अपने कर्ज की 100 प्रतिशत राशि चुकाने के प्रस्ताव को स्वीकार करने और उसके खिलाफ मामला बंद करने को कहा है। 

अधिकारी ने कहा कि युनाइटेड किंगडम (यूके) में कार्यप्रणाली थोड़ी अलग है, क्योंकि माल्या को हाईकोर्ट के माध्यम से ही शीर्ष अदालत तक पहुंचना होगा।अधिकारी ने कहा कि माल्या को हाईकोर्ट को यह समझाना होगा कि उन्हें आखिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की जरूरत क्यों है।

माल्‍या ने इस साल फरवरी में खुद को भारत प्रत्‍यर्पित किए जाने के खिलाफ इंग्लैंड और वेल्स की हाईकोर्ट में उक्‍त याचिका दाखिल की थी। माल्‍या मार्च, 2016 में देश छोड़कर भाग गया था। तब से वह ब्रिटेन में ही रह रहा है।

20 साल से देश से फरार बुकी संजीव चावला की गिरफ्तारी से देश के भीतर हड़कंप की स्थिति है। देश के भीतर के कई सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने कैफे कॉपी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ के बहाने खुद अपना दुखड़ा रोया है। माल्या के मुताबिक वीजी सिद्धार्थ बहुत ही अच्छे शख्स थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह इनकम टैक्स के लोगों ने उन्हें परेशान किया ठीक उसी तरह उनके साथ भी होता रहा है।