WHO

China : विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) पर आरोप लगा था कि उसने कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus Epidemic) के दौरान चीन (China) के इशारे पर काम किया। अब हाल ही में एक खबर सामने आ रही है कि डब्ल्यूएचओ को नोबेल शांति पुरस्‍कार (Nobel Peace Prize) नहीं मिला।

इटली(Italy) के वैज्ञानिकों ने कहा कि कोरोना(Corona) संक्रमित मरीज को वायरस को दूर करने में कम से कम एक महीना लगता है। इसलिए पॉजिटिव आने के एक महीने बाद ही दोबारा टेस्ट कराना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की खराब हालत की वजह से WHO ने कहा है कि, मार्च से जून के बीच मिले डेटा से पता चलता है कि स्वास्थ्य व्यवस्थाएं (Health System) चरमरा रही हैं और ऐसे ही चलता रहा तो इनका और ज्यादा दिनों तक टिका रहना काफी मुश्किल होगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने शुक्रवार को कहा कि तकनीकी रूप से हम विकसित हो चुके हैं और हमारे आपसी संपर्क ज्यादा हैं, जिसके कारण वायरस (Virus) तेजी से फैलता है।

रूस (Russia) ने हाल ही में ऐलान किया था कि उसने कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) बना ली है। लेकिन वैक्सीन बना लेने के बाद रूस विवादों में घिरता जा रहा है। जिसके बाद डब्ल्यूएचओ (WHO) और टॉप डॉक्टर ने इस पर कई सवाल उठाए।

रूस ने कुछ समय पहले दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का ऐलान किया था। जिसके बाद कई देशों ने इसे खरीदने का ऑर्डर भी दे दिया है। लेकिन ये वैक्सीन कितनी कारगर और सुरक्षित है इस सवाल अभी भी बने हुए हैं।

दुनिया में जारी कोरोना के कहर के बीच रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इसे खतरनाक बताया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गुटखा और सिगरेट का सेवन करने वालों को कोरोना संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। खैनी, गुटखा खाने वाले लोग कई गैरसंचारी रोगों के भी आसानी से शिकार बन जाते हैं।

दुनिया भर में कोरोनावायरस ने कहर मचा रखा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनियाभर में 6 वैक्सीन का काम तीसरे पेज में पहुंच गया है।

दुनियाभर में कोरोना के कहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक और चेतावनी जारी की है। जिसके मुताबिक जरूरी नहीं कि एक वैक्सीन से कोरोना खत्म हो जाए।