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China Corona: दक्षिण चीन(South China) में घने जंगलों से घिरी घाटियों में खदानों की सुरंग है जिसमें चमगादड़ों का जमावड़ा होता था। हाल ही में चमगादड़ों पर अनुंसधान करने वाली टीम यहां पहुंची तो उनके द्वारा एकत्र किए गए नमूनों को जब्त कर लिया गया।

WHO Praises India: भारत(India) में दो दिन पहले ही कोरोना की दो वैक्सीन(Vaccine) को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसमें देसी कंपनी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड शामिल हैं।

इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr. Harshvardhan) ने लिखा कि विपक्ष के कुछ नेताओं ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन टीके को सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दिये जाने पर रविवार को चिंता जतायी और कहा कि यह 'अपरिपक्व' है और खतरनाक साबित हो सकता है।

Corona Vaccine:विपक्ष के द्वारा वैक्सीन को लेकर जारी सियासत के बीच भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कांग्रेस नेताओं को करारा जवाब दिया है। जेपी नड्डा ने कांग्रेस और विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि किसी को भी भारतीय उपलब्धि पर गर्व नहीं होता है।

अब कोरोना वायरस वैक्सीन पर दिए अखिलेश यादव के विवादित बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी (Rashid Alvi) उनके समर्थन में आ गए हैं। राशिद अल्वी से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश और शशि थरूर इस वैक्सीन की मंजूरी पर सवाल उठा चुके हैं। लेकिन राशिद अल्वी ने इस वैक्सीन का विरोध करते और अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करते हुए जो कहा वह सच में उनका बेतुका बयान ही है।

Corona Vaccine: वहीं भारत की इस पहल का WHO ने जमकर स्वागत किया है। इस तरह भारत की तरफ से दी गई कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को मंजूरी पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि इससे कोरोना के खिलाफ जंग में मजबूती आएगी। डब्ल्यूएचओ साउथ ईस्ट एशिया रीजन ने इस मंजूरी पर बयान जारी करते हुए कहा कि भारत ने यह शानदार पहल की है और यह जो निर्णय भारत की तरफ से लिया गया है इससे कोरोनावायरस जैसी जानलेवा महामारी के खिलाफ लड़ाई को तेज करने के साथ इसे और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

देश और दुनिया इस समय कोरोना (Corona) का कहर झेल रही है। विश्व में अब तक सवा आठ करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस बीच सबकी नजरें कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) पर टिकी हैं। ऐसे में लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है।

China : विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) पर आरोप लगा था कि उसने कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus Epidemic) के दौरान चीन (China) के इशारे पर काम किया। अब हाल ही में एक खबर सामने आ रही है कि डब्ल्यूएचओ को नोबेल शांति पुरस्‍कार (Nobel Peace Prize) नहीं मिला।

इटली(Italy) के वैज्ञानिकों ने कहा कि कोरोना(Corona) संक्रमित मरीज को वायरस को दूर करने में कम से कम एक महीना लगता है। इसलिए पॉजिटिव आने के एक महीने बाद ही दोबारा टेस्ट कराना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की खराब हालत की वजह से WHO ने कहा है कि, मार्च से जून के बीच मिले डेटा से पता चलता है कि स्वास्थ्य व्यवस्थाएं (Health System) चरमरा रही हैं और ऐसे ही चलता रहा तो इनका और ज्यादा दिनों तक टिका रहना काफी मुश्किल होगा।