Wipro

विप्रो लिमिटेड, विप्रो एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने कोरोना वायरस के खिलाफ देश में जारी अभियान में कुल 1,125 करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इससे संक्रमण से पहले मोर्चे पर लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों की मदद होगी।

इस खबर को लेकर सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट किए गए। लोगों ने अपनी पोस्ट में अजीम प्रेमजी की काफी तारीफ की, लेकिन अब इस खबर को लेकर विप्रो कंपनी ने सच बताया है।

शुक्रवार की सुबह जारी किए गए अपने एक बयान में विप्रो ने कहा, "आबिद तब तक सीईओ और प्रबंध निदेशक के पद पर बने रहेंगे जब तक उनकी जगह कोई नई नियुक्ति नहीं हो जाती है और यह सुनिश्चित नहीं कर लिया जाता है कि व्यवसाय हमेशा की तरह आगे जारी है।"

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 40.06 अंकों की मजबूती के साथ 39,171.10 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.15 अंकों की बढ़त के साथ 11,670.75 पर खुला

देश के सबसे बड़े दानवीर आईटी इंडस्ट्री के दिग्गजों में एक अजीम प्रेमजी ने रिटायरमेंट का एलान किया है। प्रेमजी 30 जुलाई के बाद विप्रो के एग्जिक्युटिव चेयरमैन नहीं रहेंगे। हालांकि, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में नॉन-एग्जिक्युटिव डायरेक्टर और फाउंडर चेयरमैन के तौर पर बने रहेंगे।

एचसीएल टेक अब देश की तीसरी बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी बन गई है, कंपनी ने विप्रो को पीछे छोड़ दिया है। 2019 में एचसीएल टेक की आमदनी में दूसरी आईटी कंपनियों की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिसका कारण है पिछले साल कुछ कंपनियों को खरीदकर आमदनी बढ़ाना।

विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी ने कंपनी में अपने शेयर का 34 फीसदी यानी 52,750 करोड़ रुपये बाजार मूल्य के शेयर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को दान देने का ऐलान किया है। अजीम प्रेमजी के इस काम से दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स भी खासा प्रेरित हुए हैं और उन्होंने इस बारे में ट्वीट भी किया है।

देश की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड ने गुरुवार को केरल के कोच्चि में अपना इंस्डस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईआईओटी) सेंटर खोला। यह जानकारी कंपनी की ओर से एक बयान में दी गई।

आईटी दिग्गज और विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने विप्रो लिमिटेड की 34 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 52,750 करोड़ रुपये (7.5 अरब डॉलर) बाजार मूल्य के शेयर परोपकार कार्य के लिए दान में दे दिए।