World Menstrual Hygiene day

। सैनिटरी पैड ज्यादातर प्लास्टिक के बने होते हैं और इनमें सेल्यूलोज गम के साथ-साथ शोषक तत्व भी होते हैं, जो किसी तरल पदार्थ को जेल में बदल देते हैं। इस तरह की चीजों से तैयार होने वाले सैनिटरी नैपकिन पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक होते हैं, क्योंकि इनमें उचित निपटान प्रणालियों की पर्याप्त कमी होती है।

आज भी कई जगहों में इसको लेकर कई भ्रांतियां है जिसे महिलाओं में दूर करना उनके स्वास्थय के लिए बेहद जरूरी है। यह भी आपको बता दें कि पीरियड्स 28 दिनों के अंदर आता है और इसलिए ये 28 मई को मनाई जाती है।