zafarabad

ये भी जानना ज़रूरी है की ये दंगे किन इलाक़ों में हुए। ये सभी इलाक़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं जिसकी पुष्टि 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट से होती है जो ये बताती है की उत्तर पूर्वी दिल्ली के इन इलाक़ों में क़रीब 30 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है।

दिल्ली पुलिस ने पिंजरा तोड़ संगठन से जुड़ी दो लड़कियां नताशा और देवांगना को गिरफ्तार किया है। दरअसल, जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर सीएए के खिलाफ महिलाओं की अचानक भीड़ जुट गई थी, जिसके बाद हिंसा हुई थी।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर, ओल्ड मुस्तफाबाद, भजनपुरा, चांद बाग आदि इलाके बीते 24-25 फरवरी को अचानक जलने शुरू नहीं हुए। इनकी शुरूआत शाहीन बाग से हुई है।

दिल्ली पुलिस की ओर से मिली सूचना के मुताबिक चांदबाग, करावल नगर, मौजपुर और जाफराबाद में मंगलवार शाम को भारी संख्या में पुलिस बल उतार दिए गए हैं।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और इकोनॉमिक क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के साथ अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। दिल्ली के विभिन्न जिलों से स्थानीय पुलिस को भी बुलाया गया है।

दिल्ली दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा, "आग लगने की सूचना के कुल 45 फोन कॉल आए, दमकल विभाग के एक वाहन पर पत्थरबाजी की गई और एक वाहन को पूरी तरह जला दिया गया। तीन दमकल कर्मी घायल हो गए।"

आप विधायक व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि, बाबरपुर में चारों तरफ दहशत का माहौल बना हुआ है दंगाई फायरिंग व आग लगाते घूम रहे हैं लेकिन पुलिस फोर्स नहीं है।

जिन 7 लोगों की मौत हो चुकी है, उसमें हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह भी हालात तनावपूर्ण है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर दिल्ली के कई इलाकों में भड़की हिंसा के तार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से जुड़ते दिख रहे हैं।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिल्लीत ही नहीं देश भर में प्रदर्शन चल रहा है।