फेसबुक पर संवेदनशील स्वास्थ्य डेटा के खुलासे का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि निजी रूप से पोस्ट किए गए निजी स्वास्थ्य जानकारियों को सार्वजनिक रूप से साझा करना कानून का उल्लंघन है, जोकि फेसबुक के निजता क्रियान्वयन तरीकों की गंभीर समस्या है।

Written by: February 20, 2019 12:53 pm

नई दिल्ली। फेसबुक पर अपने समूहों में यूजर्स के संवेदनशील स्वास्थ्य डेटा की सुरक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगा है। फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) में सोमवार को दायर एक शिकायत में कहा गया, “फेसबुक ने इन उत्पादों का विपणन पर्सनल हेल्थ रिकार्ड बोलकर किया था और जिन मरीजों ने इस पर अपने डेटा रखे, उन्हें सार्वजनिक कर दिया।”


द वर्ज की रिपोर्ट में कहा गया कि यह मामला सबसे पहले जुलाई में संज्ञान में आया था, जब महिलाओं के समूह के एक सदस्य जो जीन म्यूटेशन से पीड़ित थी, उन्होंने पाया कि बड़ी आसानी से यूजर्स के नाम और ईमेल पते एक साथ भारी संख्या में डाउनलोड हो गए, इसे मैनुअली और क्रोम एक्सटेंशन के माध्यम से डाउनलोड किया गया।


उसके बाद, सोशल नेटवर्किं ग दिग्गज ने दावा किया था कि उसने ‘ग्रुप्स’ में बदलाव किया है और उसे ‘सेक्रेट ग्रुप्स’ में बदल दिया है। हालांकि अब इसे ज्वाइन करना मुश्किल हो गया है, क्योंकि इसे खोजना भी मुश्किल हो गया है।

हालांकि, शिकायत में कहा गया है कि निजी रूप से पोस्ट किए गए निजी स्वास्थ्य जानकारियों को सार्वजनिक रूप से साझा करना कानून का उल्लंघन है, जोकि फेसबुक के निजता क्रियान्वयन तरीकों की गंभीर समस्या है।

द वर्ज ने कहा कि फेसबुक पहले से ही निजता चूक को लेकर एफटीसी के साथ अरबों डॉलर के जुर्मानों को लेकर बातचीत कर रहा है और जुर्माने की रकम को घटाने का आग्रह कर रहा है।

इस मुद्दे पर अभी तक कंपनी ने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।