केजरीवाल की सियासत है झूठे वादे करना और जनता को ठगना: मनोज तिवारी

Avatar Written by: April 22, 2017 3:44 pm

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा है। हाउस टैक्स और डेंगू जैसे मुददों को लेकर उन्होंने कुछ ऐसे खुलासे भी किए जिससे केजरीवाल कठघरे में खड़े होते नजर आ रहे हैं। दिल्ली भाजपा के मुखिया पूरी तरह आश्वस्त हैं कि उनकी पार्टी नगर निगम चुनावों में भारी बहुमत हासिल करेगी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव पूरी तरह जनमानस पर है। न्यूजरूमपोस्ट के साथ साक्षात्कार में मनोज तिवारी ने दिल्ली से जुड़े कई अहम मुददों पर बातचीत की। पेश हैं साक्षात्मकार के मुख्य अंश:

manoj tiwari

न्यूजरूमपोस्ट: अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि एमसीडी चुनाव में अगर भाजपा को वोट दिया तो अगले 5 साल कूड़ा, मछर ऐसे ही रहेंगे। कल अगर आपके घर डेंगू हो जाए तो आप ख़ुद उसके ज़िम्मेदार होंगे क्योंकि आपने भाजपा को वोट दिया। आप की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

मनोज तिवारी: दिल्ली में यह भयानक बीमारी अरविंद केजरीवाल के सत्ता में आने के बाद से ही आई है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उनका गैरजिम्मेवाराना रवैया ही इसकी वजह है। यह केवल एमसीडी ही है जो पूरी ताकत से इस बीमारी के खिलाफ जुटी हुई है। हकीकत तो यह है कि मैं खुद फॉगिंग के लिए कई जगह गया था जबकि केजरीवाल खुद दिल्ली से बाहर थे और उनकी टीम विदेश यात्राओं पर मजे कर रही थी। दरअसल केजरीवाल को एमसीडी में हार पूरी तरह नजर आ रही है। यही वजह है कि वह हताशा और निराशा में इस तरह के बयान दे रहे हैं।

न्यूजरूमपोस्ट: एमसीडी चुनावों में जनता का क्या फैसला होगा?

मनोज तिवारी: निश्चित तौर पर भाजपा भारी बहुमत से आएगी और आम आदमी पार्टी का सूपड़ा साफ होगा। जनता राजौरी गार्डन उपचुनाव में इसकी एक बानगी दिखा चुकी है।

आगे: मनोज तिवारी ने कुछ ऐसे लाई केजरीवाल की असलियत सामने!

arvind kejriwal

न्यूजरूमपोस्ट: आप एमसीडी में भाजपा की जीत और आम आदमी पार्टी की हार को लेकर इतना आश्वस्त क्यों हैं?

मनोज तिवारी: इसकी सीधी वजह यही है कि आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामी से जनता में बेहद नाराजगी है। केजरीवाल ने सिर्फ ब्लेमगेम की सियासत ही की है। केजरीवाल का दोहरा चरित्र पूरी तरह बेनकाब होकर जनता के सामने आ गया है। झूठे वादों की सियासत करने के आदी केजरीवाल अब जनता को ठग नहीं पाएंगे। झूठे वादे, जनता को गुमराह करना ही केजरीवाल की सियासी पहचान है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर जनता को पूरा भरोसा है। यूपी, उत्तराखंड में मोदी लहर में मिली जीत का सिलसिला एमसीडी में भी कायम रहेगा। जनता को विश्वास है कि भाजपा पूरी तरह निष्ठा और ईमानदारी से एमसीडी में काम करती रहेगी। यह सभी के सामने है कि केजरीवाल सरकार के असहयोग और सीमति संसाधनों के बावजूद एमसीडी ने काफी अच्छा काम किया है।

न्यूजरूमपोस्ट: क्या एमसीडी चुनाव केजरीवाल सरकार पर रेफरेंडम होंगे?

मनोज तिवारी: बिल्कुल होंगे। जनता इस आधार पर अपना वोट देगी कि केजरीवाल सरकार अपने वादों पर कितनी खरी उतरी। हकीकत तो यही है कि केजरीवाल सरकार अपने वादों पर पूरी तरह नाकाम हुई है। चुनाव के वक्त जो वायदे किए थे उनमें से एक भी अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। केंद्र सरकार और एलजी पर दोषारोपण कर केजरीवाल अपनी जिम्मेवारियों से बचने में लगे रहे हैं। ऐसे में जनता उन्हें सबक सिखाएगी। गोवा और पंजाब के लोगों ने तो पहले ही आम आदमी पार्टी को बेनकाब कर दिया है।

आगे: हाउस टैक्स पर केजरीवाल की खुली पोल!

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न्यूजरूमपोस्ट: लेकिन केजरीवाल का दावा है कि हाउस टैक्स माफी का वादा आप के पक्ष में जाएगा?

मनोज तिवारी: यह गलतफहमी है। सच्चाई यह है कि 2015 और 2016 में केजरीवाल ने खुद दो बार लिखित में एमसीडी को अपना राजस्व बढ़ाने के लिए हाउस टैक्स बढ़ाने को कहा था। वहीं लोगों को यह भी पता है कि बिजली और पानी के मामले में क्या हुआ है। लोगों के बिजली और पानी के बिल आने बंद नहीं हुए। बिजली ठीक से मिलती नहीं है और पानी गंदा मिल रहा है। वहीं जनता ने पानी के बिल आने की शिकायतों का अंबार लगाया हुआ है। ऐसे में हाउस टैक्स माफी को लेकर केजरीवाल का वादा क्या गुल खिलाएगा सभी को पता हैं। फिर यह पता होते हुए भी कि इसमें तकनीकी दिक्कतें हैं केजरीवाल यह झूठा वादा कर रहे हैं। बाद में वह पहले की तरह बहानेबाजी करते हुए उनका हाथ खड़े कर देना तय है।

न्यूजरूमपोस्ट: ईवीएम को लेकर केजरीवाल की शिकायतों पर आपका क्या कहना है?

मनोज तिवारी: केजरीवाल को ईवीएम में तब दिक्कत नहीं नजर आई जब उनकी 67 सीटें दिल्ली में आईं। फिर बिहार चुनावों के नतीजों के बाद ईवीएम पर उन्होंने सवाल नहीं उठाया। अब पंजाब और गोवा में आप की शिकस्त हुई है तो केजरीवाल को ईवीएम में दिक्कत नजर आ रही है। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित और छेडछाड से मुक्त हैं। राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद केजरीवाल को मालूम हो गया है कि उनका सफाया होने वाला है। दिल्ली की जनता निगम चुनाव में उन्हें सजा देने के लिए तैयार है। इससे वह घबराए हुए हैं। यदि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी है तो केजरीवाल को सबसे पहले अपने सभी विधायकों का इस्तीफा दिलाकर विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग करनी चाहिए। केजरीवाल सिर्फ एमसीडी में एक और मिलने जा रही हार से पहले बहानेबाजी के लिए आधार तैयार कर रहे हैं।

आगे: तो यह है केजरीवाल के अनर्गल बयानबाजी की हकीकत!

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न्यूजरूमपोस्ट: केजरीवाल लगातार एमसीडी में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं क्या इसका कोई असर चुनाव में देखते हैं?

मनोज तिवारी: केजरीवाल ऐसा सिर्फ अपनी सरकार के भ्रष्टाचार पर से ध्यान हटाने के मकसद से कर रहे हैं। दो साल में उनकी पूरी सरकार भारी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी चुकी है। शुंगलू कमेटी रिपोर्ट ने केजरीवाल सरकार की अनियमितताओं को जनता के सामने ला दिया है। भाई भतीजावाद से लेकर नियुक्तियों और गलत तरीके से बंगला लेने तक न जाने कितनी अनियमितताएं सामने आईं हैं। आप के ढेरों विधायकों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और केजरीवाल के कैबिनेट के आधे से ज्यादा मंत्रियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। निजी मानहानि मामले में नियुक्त वकील राम जेठमलानी की भारी भरकम फीस सरकारी खजाने से देने का मामला किसी से छिपा नहीं है। जनता के पैसे को विज्ञापनों में बरबाद करने में भी केजरीवाल घिरे हुए हैं। एलजी  ने तो विज्ञापनों में दिल्ली सरकार की तरफ से खर्च किए गए 97 करोड रुपये लौटाने का फरमान सुनाया है क्योंकि यह विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस के उल्लंघन के तौर पर थे। 16000 रुपये की थाली खाकर जनता के टैक्स के पेैसे हजम करने वाले केजरीवाल को इस पर सफाई देनी चाहिए। ऐसे में केजरीवाल इन सब मुददों पर से ध्यान भटकाने के मकसद से ही तरह तरह भ्रामक बयान देते रहते हैं।

न्यूजरूमपोस्ट: क्या शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट में आईं बातों का असर एमसीडी चुनाव पर पड़ेगा?

मनोज तिवारी: इसका असर जरूर होगा। यह हकीकत है कि शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट का असर चुनाव के नतीजों पर पडेगा। सभी को भ्रष्ट बताने वाले केजरीवाल खुद कितने पानी में हैं इसका खुलासा तो इस रिपोर्ट में हो ही चुका है। यह सभी के सामने है कि कैसे केजरीवाल के रिश्तेदार निकुंज अग्रवाल को स्वास्थय मंत्री का ओएसडी नियुक्त कराया गया। केजरीवाल को जनता सबक सिखाने के मौके का इंतजार कर रही है और ऐसा ही एक मौका राजौरी गार्डन उपचुनाव में मिला था और अब एमसीडी चुनाव भी ऐसा ही एक मौका जनता के सामने है।

आगे: एमसीडी पर केजरीवाल के एक और झूठ का पर्दाफाश!

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न्यूजरूमपोस्ट: केजरीवाल कह रहे हैं कि अगर भाजपा एमसीडी में जीतती है तो पानी और बिजली के रेट बढा देगी?

मनोज तिवारी: यह केजरीवाल का लोगों को गुमराह करने की नीति का एक और उदाहरण है। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर चुके केजरीवाल किसी तरह इस तरह के बयान देकर लोगों का ध्यान मुख्य मुददे से हटा रहे हैं। शुंगलू रिपोर्ट के बाद से वह ऐसा ज्यादा कह रहे हैं। संदेश साफ है कि वह अपनी करनी छिपाने के मकसद से ऐसा कर रहे हैं।

न्यूजरूमपोस्ट: आपके अनुसार एमसीडी में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहा है?

भाजपा के पार्षदों ने बेहतरीन काम किया है। लोगों ने ‘आप’ के दो वर्षों के भ्रष्टाचार व अराजक शासन तथा कांग्रेस के 15 वर्षों की लूट को देखा है। दिल्लीवासियों को विश्वास है कि दिल्ली आज बची हुई है तो निगम के कारण। आप सरकार के असहयोग और सीमित संसाधनों के बावजूद एमसीडी ने काफी अच्छा काम किया है।

न्यूजरूमपोस्ट: क्या दिल्ली में भी मोदी लहर है?

मनोज तिवारी: जाहिर तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। जिस प्रकार से उन्होंने गरीबों, मजदूरों व निम्न मध्यमवर्गीय लोगों के दिल को छुआ है, इसके कारण उनका प्रभाव है और रहेगा। ऐसे में भाजपा को मोदीजी के प्रभाव का फायदा मिलेगा।