विदेशी मीडिया ने कही भारतीय सेना को लेकर बड़ी बात, जिन आतंकियों की संख्या नब्बे के दशक में थी 1000 से भी ज्यादा वो अब 2018 में…

Avatar Written by: August 2, 2018 7:13 pm

नई दिल्ली। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से कश्मीर में आतंकवाद दिनोंदिन कमजोर पड़ रहा है। विपक्षी पार्टियां राजनीतिक मजबूरी में भले ही इसे स्वीकार न करें लेकिन अब विदेशी मीडिया भी यह कहने लगी है कि घाटी में आतंकवाद की कमर टूट रही है।Indian Army In jammu Kashmir

अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में अब कोई भी आतंकी दो साल से ज्यादा जिंदा नहीं रह सकता है। इससे पहले ही वह सुरक्षा बलों का निशाना बन जाता है। पिछले चार साल में 200 से ज्यादा आतंकी मार गिराए गए हैं। अब घाटी में 250 से ज्यादा आतंकी नहीं बचे हैं।

कई वजहें है जिम्मेदार

नब्बे के दशक में जब कश्मीर में आतंकवाद ने सिर उठाना शुरू किया था तब आतंकियों की संख्या एक हजार से ज्यादा थी। उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही रही। इनमें विदेशी आतंकी भी शामिल थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में अमेरिकी दबाव में पाकिस्तान को अपने ज्यादातर आतंकी कैंपों को बंद करना पड़ा है। इसके अलावा अब घाटी के आतंकियों को सीमा पार से पहले की तरह धन एवं हथियारों की मदद भी नहीं मिल रही है क्योंकि भारत ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को चौकस कर दिया है। अब घाटी में आतंकियों को पाकिस्तान का नैतिक समर्थन ही मिल पा रहा है।

सुरक्षा बलों को जनता का समर्थनIndian Army

न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पहले के मुकाबले अब सुरक्षा बलों को जनता का ज्यादा समर्थन मिल रहा है। इसलिए अब यह पता करना आसान हो गया है कि कौन आतंकी है, उसके दोस्त कौन हैं और उसकी गर्लफ्रेंड कौन है जिनके यहां वह छिप सकता है। सबसे ज्यादा मुश्किल होती है इस सूचना के आधार पर आतंकियों की घेराबंदी करना और उन्हें मारना।

इजराइल से मिल रही मदद

अखबार के अनुसार हाल के वर्षों में घाटी में आतंकवाद के खात्मे में इजराइल से भारत को काफी मदद मिली है। सिक्यूरिटी कैमरा, नाइट विजन ग्लास और ड्रोन की सुविधा मिलने से सुरक्षा बलों का काम आसान हुआ है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब आतंकी पहले की तरह खुलेआम शूटिंग की प्रैक्टिस भी नहीं कर पा रहे हैं। अब वे सीमा पार जाकर प्रशिक्षण भी नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान से लगती 450 मील से भी ज्यादा लंबी सीमा को सील करने में भारत ने काफी कामयाबी हासिल की है।

पाक पर उठाई उंगली

अखबार ने माना है कि 1947 के बाद से ही पाकिस्तान आतंकियों के जरिए लगातार भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वार चलाता रहा है लेकिन अब यह खेल खत्म हो रहा है। अब घाटी में आतंकवाद के नाम पर राज्य के युवाओं के गैंग ही बचे हैं।

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