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सीएए के विरोध में शाहीन बाग में छोटे बच्चों के मन मे जहर भरने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों के मन मे कट्टरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। यह कैसा विरोध है। संबित पात्रा ने एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी को जवाब देते हुए कहा कि “हमारे दादा ने देश को सहिष्णु बनाया।”

नकवी जब लाल चौक पर पहुंचे तो उन्हें वहां देख लोग हैरान रह गए और अपनी प्रतिक्रिया देने लगे। नकवी को लाल चौक में देखकर एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि 'यह तो मुख्तार अब्बास नकवी है। यह यहां कैसे?'

केजरीवाल ने अपनी राजनीति जिन साथियों के साथ शुरू की थी आज उनमें से कई नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर विरोध के चलते पार्टी में सक्रिय नहीं है।

मध्य प्रदेश में महिला कलेक्टर के थप्पड़ पर सियासी भूचाल आ गया है। मध्य प्रदेश में धारा 144 लागू होने के बावजूद तिरंगा यात्रा निकालने को लेकर केस दर्ज किया गया है। साथ ही 2 आरोपियों पर अभद्रता का मामला भी दर्ज किया गया है। इसी दौरान राजगढ़ की महिला कलेक्टर ने एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ जड़ दिया था।

केजरीवाल का नामांकन सोमवार को नहीं हो पाया था। केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट के लिए जामनगर हाउस सीट से तीसरी बार मैदान में हैं। जहां दो बार वो चुनाव जीत चुके हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में सिविल लाइंस स्थित दिल्ली परिवहन विभाग के एक कार्यालय में सोमवार सुबह आग लग गई। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की कम से कम आठ गाड़ियां घटनास्थल के लिए भेजी गई।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने 'केजरीवाल गारंटी कार्ड' जारी किया है। आप ने दावा किया है कि यह 10 गारंटी चुनाव के बाद भी जारी रहेंगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत ने जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे पर कहा है कि अब देश में दो बच्चों के कानून की जरूरत है। उनका कहना है कि इसके लिए जनसंख्या वृद्धि पर सोचना होगा। उन्होंने हालांकि यह भी साफ किया कि इस संबंध में अंतिम फैसला सरकार को लेना है।

इंदिरा जयसिंह के इस बयान पर निर्भया की मां आशा देवी ने भी अपना गुस्सा निकाला है। उन्होंने भड़कते हुए कहा कि, आखिर ऐसा बोलने वाली वो होती कौन हैं। आशा देवी ने इंदिरा जयसिंह को लेकर कहा कि, ‘वे सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई बार मिलीं, लेकिन उन्होंने एक बार भी उनका हाल-चाल नहीं पूछा। आज वो दोषियों के हक में बोल रही हैं। आशा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोग बलात्कारियों को सपोर्ट कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं, इसलिए पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता है। इस तरह का सुझाव देने की उनकी हिम्मत कैसे हुई?’