‘गजनी के बाद से किसी ने इतने मंदिर नहीं तोड़े, जितने मोदी ने तोड़ दिए’, जानिए ट्वीटर पर किए इस दावे का सच

औरंगजेब को भूल जाइए, यह कहना है काशी विश्वनाथ मंदिर के एक महंत का। गजनी के बाद से किसी ने इतने मंदिर नहीं तोड़े, जितने मोदी ने तोड़ दिए हैं’ । पत्रकार आतिश तासीर ने वाराणासी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर की तस्वीरें ट्वीट कर आरोप लगाए हैं।

Written by: August 22, 2019 6:23 pm

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आतिश तासीर जो पत्रकार हैं, 19 अगस्त को मंदिरों की तस्वीरों के साथ एक ट्वीट करते हैं, अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा- औरंगजेब को भूल जाइए, यह कहना है काशी विश्वनाथ मंदिर के एक महंत का। गजनी के बाद से किसी ने इतने मंदिर नहीं तोड़े, जितने मोदी ने तोड़ दिए हैं’ । पत्रकार आतिश तासीर ने वाराणासी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर की तस्वीरें ट्वीट कर आरोप लगाए हैं।

 

उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा कि ‘वह वाराणसी में मोदी सरकार द्वारा बनवाए जा रहे कॉरिडोर के बारे में बात कर रहा था’ तासीर के मुताबिक उस महंत का कहना है कि सिर्फ एक स्मारक को बनाने के लिए शहर के मध्ययुगीन ह्रदय को नुकसान पहुंचाया गया है।

असर क्या हुआ?

आतिश के ट्वीट के बाद लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू की। आतिश के ट्वीट को रिट्वीट भी किया गया तो वहीं इस ट्वीट को लेकर कई लोगों ने आतिश की मंशा पर सवाल खड़े किए।

फैक्ट क्या है?

सबसे पहले आतिश तासीर के बारे में जान लीजिए। पेशे से पत्रकार आतिश न्यूयार्क टाइम्स के लिए लेख लिखते हैं। वह सलमान तासीर जो कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर रहे हैं उनके बेटे हैं। पीएम मोदी की खुलकर आलोचना करते रहे हैं। वो आतिश तासीर का ही आर्टिकल था जिसे लेकर कुछ महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी को भारत का डिवाइडर इन चीफ शीर्षक देकर टाइम मैग्जीन के कवर पेज पर छापा गया था जिसके बाद काफी विरोध हुआ था। जैसा कि आतिश के परिचय से ही साफ हो जाता है कि उनकी अपनी सोच क्या है, अपने विचार कैसे रहते हैं, अब आते हैं जिस कंटेंट पर जिसका दावा आतिश ने ट्वीट के हवाले से किया, आतिश ने 4 फोटो के साथ ट्वीट तो किया लेकिन फोटो लगाकर ना ही उस महंत का नाम लिया और ना ही उसका कोई वीडियो है शेयर किया जिसमें वो इस तरह की बात कह रहे हों। दूसरी तरफ सरकार ने भी इस मामले में सिर्फ अतिक्रमण हटाने की बात कही है।

आपको बता दें कि औरंगजेब से मोदी की तुलना कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने की थी, उनके इस बयान को ट्वीटर पर एक यूजर ने 8 मई 2019 को शेयर भी किया था।

आतिश के ट्वीट का का कोई प्रामाणिक वीडियो नहीं होना और सरकार का इस मामले में साफ कहना कि यह सिर्फ अतिक्रमण हटाया गया है। आतिश के दावे को फेक साबित करता है।

सच/अफवाह

तथ्यों के अभाव में आतिश के दावे को सच नहीं माना जा सकता, उनका ट्वीट संजय निरूपम के बयान से प्रेरित जरूर लगता है।