वायरल चेक: मदरसे में बच्चों को जबरन जय श्रीराम बुलवाने की सच्चाई क्या है?

हाल ही में यूपी समेत दूसरी जगहों पर हुई घटनाओं में जबरन ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाने का दावा किया गया लेकिन ये दावे झूठे निकले। जब पड़ताल हुई तो पता चला कि विवाद कुछ और था

Written by: July 13, 2019 5:48 pm

वो बात जो वायरल हुई- मदरसे के बच्चों से जबरन जय श्रीराम बोलने को कहा गया नहीं बोलने पर पीटा

‘जय श्रीराम’ इस नाम से खबर बनाने और केस दर्ज करवाने का मानो चलन सा चल गया है। हाल ही में यूपी समेत दूसरी जगहों पर हुई घटनाओं में जबरन ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाने का दावा किया गया लेकिन ये दावे झूठे निकले। जब पड़ताल हुई तो पता चला कि विवाद कुछ और था जिसे जय श्रीराम का नाम देकर तूल देने की कोशिश की गई।

ऐसा ही मामला था उन्नाव का। जहां जीआईसी मैदान में दारुल उलूम फैज-ए-आम मदरसे के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, इतने में कुछ लोग आए उन्होंने बच्चों से जय श्रीराम का नारा लगाने को कहा, जब बच्चों ने जय श्रीराम के नारे नहीं लगाए तो उन्होंने उनकी पिटाई कर दी। मदरसे के लोगों का आरोप है कि हमला करने वाले लोग बजरंग दल के थे। हमलावरों ने कई बच्चों की साइकिल भी तोड़ दी। इस घटना में कई बच्चे जख्मी हो गए। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर ‘जय श्रीराम’ के नाम पर काफी तूल दिया गया। वीडियो और खबरें शेयर होने लगीं, शाम तक मदरसे के मौलवी नईम मिस्बाही ने कार्रवाई ना होने पर बड़ी धमकी तक दे डाली।

वायरल खबर पर पुलिस का एक्शन- 
इस घटना के बाद फौरन स्थानीय पुलिस ने एक्शन ले लिया और तीन जख्मी बच्चों का मेडिकल करवाने के बाद फेसबुक प्रोफाइल के जरिए आरोपियों की तलाश की जिसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

असर क्या हुआ- 
मदरसे के मौलवी की धमकी के बाद हिंदू संगठन में भी आक्रोश की स्थिति देखी गई और आरोपियों को छोड़ने की मांग की जाने लगी।

फैक्ट क्या था-  
पुलिस का कहना है कि उन्‍नाव में नारे लगवाने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। पुलिस जांच में पता चला कि सारा झगड़ा क्रिकेट मैच को लेकर हुआ। पुलिस के मुताबिक 11 जुलाई को दो पक्षों के बच्‍चों के बीच क्रिकेट को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई। इसके बाद अगले दिन यानि गुरुवार को दोनों समुदायों को लेकर शहर में थी तनावपूर्ण स्थिति रही थी। वहीं देर रात पुलिस जांच में निर्दोष साबित होने पर दोनों आरोपियों को छोड़ दिया गया।  एडीजी लॉ पीवी राम शास्‍त्री का कहना है कि अराजकतत्‍वों की ओर से उन्‍नाव में माहौल खराब करने की कोशिश हुई है।

इस घटना में वायरल हुए गए वीडियो में ही कुछ सुराग मिले!
इस वीडियो में बच्चा जमीन पर बैठा है और वीडियो बनाने वाला जब ये पूछता है कि बेटा उठो बताओ क्या हुआ था, इतने में पीछे से एक और आवाज आती है ‘ वही बताओ जो अभी हमने बताया था’ , इस पहले लोगों का ध्यान नहीं गया बच्चा आगे वीडियो में पूरी बात कहता है। ‘वही बताओ जो अभी हमने बताया है’ बताते हैं यही शब्द वीडियो की सच्चाई लाने के लिए काफी थे। सारे मामले एडीजी लॉ पीवी राम शास्‍त्री का कहना है कि अराजकतत्‍वों की ओर से उन्‍नाव में माहौल खराब करने की कोशिश हुई है।

सच/अफवाह

मारपीट की घटना सच लेकिन सांप्रदायिक रंग अफवाह