जानिए IPS अफसर विजय कुमार को J&K का उप-राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर का सच

तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के इस आईपीएस ऑफिसर का नाम के. विजय कुमार है जो अभी जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार हैं। के. विजय कुमार बीएसएफ के आईजी के तौर पर भी कश्मीर घाटी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

Written by Newsroom Staff August 10, 2019 2:44 pm

खबर जो वायरल हो रही है

धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद आईपीएस अफसर विजय कुमार राज्य के पहले उप राज्यपाल बनेंगे। सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हुई। व्हाट्सअप पर उनकी फोटो के साथ एक संदेश भी भेजा जा रहा है जिसमें लिखा है-

”Vijay kumar IPS appointed First Lt Governor of Union Territory of Jammu and Kashmir!Interesting! Not a politician or bureaucrat !!

The pride of Tamil Nadu….The man who nailed Veerappan 👇🏽”

 

असर क्या हुआ ?

वायरल खबर का असर न्यूज चैनल व अन्य मीडिया संस्थानों पर भी दिखा। किसी ने इस खबर को प्रकाशित किया कि विजय कुमार की नियुक्ति हो गई है जबकि कुछ ने कहा कि वह बन सकते हैं। वहीं कुछ का कहना है कि उप राज्यपाल के लिए केंद्र सरकार के विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा का नाम भी चल रहा है। दिनेश्वर शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक रह चुके हैं।

फैक्ट क्या है?

तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के  इस आईपीएस ऑफिसर का नाम के. विजय कुमार है जो अभी जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार हैं। के. विजय कुमार बीएसएफ के आईजी के तौर पर भी कश्मीर घाटी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। के. विजय कुमार की एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि उनकी अगुवाई में वीरप्पन को ढेर किया गया था।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ में नक्सली गतिविधियों में कमी आई थी जब वो 2010 में दंतेवाड़ा में नक्सली हमले के बाद सीआरपीएफ का महानिदेशक (डीजी) बनाए गए थे। कुलमिलाकर के. विजय कुमार की शख्सियत बेहद काबिल अधिकारी के तौर पर रही है लेकिन जहां तक बात है उनके कि वो जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं इस खबर में सच्चाई नहीं है। दरअसल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के कानून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार मंजूरी दी है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक दोनों नए केंद्रशासित प्रदेश-जम्मू कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे। दोनों राज्यों का राज्यपाल कौन होगा इसे लेकर कोई भी सूचना जारी नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक अभी सिर्फ यही तय हुआ है कि 31 अक्टूबर को दोनों केंद्र शासित राज्यों को अस्तिव में लाया जाएगा। आपको बता दें कि 31 अक्टूबर को लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्मदिन है।

सच/अफवाह

यह खबर अफवाह है।