क्या सच में कोर्ट ने आदेश दिया है कि ‘हेलमेट लगाना जरूरी नहीं?’ वायरल हो रहे इस मैसेज का जानिए सच

नए ट्रैफिक नियमों से जुड़ी खबरें इन दिनों चर्चा में है ऐसे में हेलमेट मुक्ति की खबर सुनते ही कई लोग बिना सोचे समझे इस मैसेज पर यकीन करते हुए इसे ज्यादा शेयर कर रहे हैं।

Written by: September 10, 2019 1:57 pm

खबर जो वायरल हुई 

हाल ही में नए ट्रैफिक रूल्स लागू होने के बाद कई लोगों के चालान कर दिए गए, हेलमेट ना होने पर 1000 रुपए का चालान है। ट्रैफिक पुलिस की सख्ती के चलते लोगों ने नियमों का पालन करना शुरू कर दिया। वहीं इस बीच सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल किया जा रहा है।

वायरल मैसेज में लिखा है- ”ब्रेकिंग न्यूज़ *हेलमेट* *मुक्त* अब सभी राज्यो में अभी तक की जो हेलमेट चेकिंग चल रही थी उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है, सागरकुमार जैन की याचिका के मुताबिक महानगरपालिका के दायरों के अंदर हेलमेट का उपयोग वाहन चालक पर अनिवार्य नहीं होगा जिस रास्ते को राज्य मार्ग या हाईवे का दर्जा प्राप्त हुआ है वहां पर हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। इसके बाद अगर कोई भी ट्रैफिक वाला या कोई पुलिस वाला आपसे पूछता है कि हेलमेट क्यों नहीं पहना ?, तो आप उसे कह सकते हो कि मैं महानगरपालिका नगरपालिका पंचायत समिति शहर के हद में हूं। आप सभी को यह जानकर खुशी होगी। इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि लोगों को भी पता चले …!!”

असर क्या हुआ?

इस मैसेज को लोगों के द्वारा फेसबुक, व्हाट्सअप पर वायरल किया जा रहा है। इसमें कई मैसेज ऐसे भी हैं जिनके आखिरी में देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान जो कि सयुंक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनके दो मोबाइल नंबर भी दिए गए है। उनके नाम पर इस मैसेज को वायरल किया जा रहा है।

ऊपर जिस पोस्ट का स्क्रीन शॉट लिया गया है उसमें उनका नंबर छिपाया गया है। आपको बता दें कि नए ट्रैफिक नियमों से जुड़ी खबरें इन दिनों चर्चा में है ऐसे में हेलमेट मुक्ति की खबर सुनते ही कई लोग बिना सोचे समझे इस मैसेज पर यकीन करते हुए इसे ज्यादा शेयर कर रहे हैं।

फैक्ट क्या है?

न्यूजरूम पोस्ट की टीम ने जब पड़ताल की तो पता चला कि यह मैसेज पहले भी वायरल हो चुका है। इसको लेकर फेसबुक पोस्ट पर कुछ पुरानी पोस्ट भी मिलीं।

हमारी टीम ने जब इस वायरल खबर का सच जानने के लिए देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान से संपर्क किया तो उन्होंने इस वायरल खबर को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 3 साल से यह मैसेज वायरल किया जा रहा है जोकि पूरी तरह झूठ है। यह मैसेज उन्होंने नहीं लिखा है। इस वायरल मैसेज को लेकर एक अखबार में खबर भी छापी गई थी। जिसमें उन्होंने इसके बारे में काफी विस्तार से बताया था।

वहीं इस मामले को लेकर उन्होंने अपना एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने बताया है कि ये वायरल मैसेज सच नहीं बल्कि पूरी तरह से अफवाह है और फर्जी है। आप सबसे न्यूजरूम पोस्ट की अपील है कि इस वायरल मैसेज पर ध्यान ना दें और अपनी बाइक या स्कूटी पर बैठते वक्त हेलमेट लगाकर ही चलें। क्योंकि हेलमेट आपको सिर्फ जुर्माने से नहीं बल्कि आपकी जान जाने से भी बचाता है।

सच/अफवाह
यह खबर सच नहीं है