कर्नाटक की इस जगह को मिला दुनियाभर के बेहतरीन पर्यटन स्थल में दूसरा स्थान

Written by Newsroom Staff January 12, 2019 1:51 pm

नई दिल्ली। वैसे तो दुनियाभर में ऐसे कई स्थान हैं जिसका कुछ न कुछ इतिहास रहा है और पर्यटक यहां घूमने जाना पसंद भी करते हैं। लेकिन कर्नाटक में एक ऐसी जगह है जिसे दुनियाभर के बेहतरीन पर्यटन स्थल में दूसरा स्थान दिया गया है।

बता दें, यूनेस्को की ‘वैश्विक धरोहर सूची’ में शामिल हंपी 1336 से 1646 के बीच के विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। तुंगभद्रा नदी के तट पर कई मील तक फैला यह प्राचीन नगर 16वीं शताब्दी के दौरान विश्व के सबसे बड़े और समृद्ध नगरों में से एक था।

हंपी के अतिरिक्त सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों की सूची में कैरेबियाई द्वीप प्यूर्टोरिको को पहला स्थान दिया गया है। हालांकि सेंटा बारबरा, पनामा, जर्मनी के शहर म्युनिख, इजरायल के इलत, जापान के सेतोची, डेनमार्क के अलबोर्ग, पुर्तगाल के अजोरेस को भी इस सूची में स्थान दिया गया है।

हंपी का पौराणिक ग्रंथों में भी वर्णन

हंपी में सम्राट अशोक के शासन के दौरान लिखे गए कई शिलालेख भी मिले हैं। इस नगर का जिक्र पौराणिक ग्रंथों में भी है। रामायण के साथ अन्य ग्रंथों में इस शहर को पंपा देवी तीर्थ क्षेत्र बताया गया है। देवी पार्वती को पंपा भी कहा जाता है। माना जाता है कि राम और लक्ष्मण ने यहीं पर हनुमान, सुग्रीव समेत पूरी वानर सेना से मुलाकात की थी।

वास्तुकला के लिए भी मशहूर

इस प्राचीन नगर में कई ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर हैं। यहां 1,600 से भी ज्यादा हिंदू मंदिर, महल, किले और संरक्षित स्मारक हैं। वास्तुकला के लिहाज से ये सारे स्मारक अनोखे हैं। यहां भगवान गणेश के साथ नरसिंह देव के भी मंदिर हैं।

मूलत: हम्पी का दक्षिणी हिस्सा तीन मुख्य मंदिरों में बंटा माना जा सकता है। विरुपाक्ष मंदिर, अच्युतराया मंदिर और विट्ठल मंदिर। विरुपाक्ष मंदिर अभी भी एक जीवंत देवस्थान है, जहां नियम से पूजा-अर्चना होती है। 165 फीट लंबे और 150 फीट चौड़े शिखर वाला यह मंदिर दूर से ही दिखाई देता है। विरुपाक्ष मंदिर से कुछ दूरी पर एकशिला नंदी की विशाल प्रतिमा है। उस विशालकाय नंदी और मंदिर के बीच लगभग डेढ़ सौ मीटर की दूरी है। ऐसे में हम मंदिर की भव्यता का अंदाजा स्वयं लगा सकते हैं।

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