अयोध्या फैसले पर पाकिस्तान को लगी मिर्ची, विदेश मंत्री ने दिया ये बड़ा बयान

अयोध्या विवाद मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि ‘यह फैसला पहले से ही दबाए गए मुस्लिम समुदाय पर और अधिक दबाव डालेगा।’

Written by: November 9, 2019 2:10 pm

इस्लामाबाद। अयोध्या विवाद मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि ‘यह फैसला पहले से ही दबाए गए मुस्लिम समुदाय पर और अधिक दबाव डालेगा।’ इससे पहले शनिवार को भारतीय सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने आदेश दिया कि विवादित भूमि मंदिर बनाने के लिए हिंदुओं को दी जानी चाहिए, जबकि मुस्लिम समुदाय को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि दी जाएगी।Ram Mandir Supreme Court

कुरैशी ने जियो न्यूज से कहा, “भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले से ही दबाए गए मुस्लिम समुदाय पर अधिक दबाव पड़ेगा।” उन्होंने कहा, “पाकिस्तान विदेश कार्यालय फैसले का विवरण पढ़ने के बाद इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करेगा।”

कुरैशी ने फैसले के समय पर भी सवाल उठाया, जो ऐतिहासिक करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के साथ मेल खाता है। यह गलियारा हजारों भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिए पाकिस्तान में दरबार साहिब गुरुद्वारा जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Shah Mehmood Qureshi

कुरैशी ने सवाल करते हुए कहा, “भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय के बाद आज (शनिवार) फैसले की घोषणा की। भारतीय अदालत ने आज फैसले की घोषणा क्यों की?” पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने भी फैसले के समय पर सवाल उठाया।

अयोध्या फैसले के जरिए सिखों की खुशियों के रंग में भंग डाल दिया गया : कुरैशी

Shah Mehmood Qureshi

उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले में आए फैसले के बाद ‘कश्मीर में आग और भड़केगी।’ कुरैशी ने कहा, “आज के दिन भारतीय अदालत द्वारा अयोध्या मामले में फैसला सुनाने का क्या मकसद है। सिख खुशी मना रहे हैं लेकिन उनकी खुशियों के रंग में भंग डाल दी गई है। क्या इस फैसले को कुछ दिन के लिए टाला नहीं जा सकता था। इतने खुशी के मौके पर दिखाई गई असंवेदनशीलता पर मुझे अफसोस है। आपको इस खुशी में शामिल होना चाहिए न कि इससे ध्यान भटकाना चाहिए। यह (अयोध्या) मामला एक संवेदनशील मुद्दा है, इसे आज की खुशी के दिन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए था।”