ये है विश्व का पहला पानी व जमीन पर चलने वाला ड्रोन, चीन के नए ड्रोन से चकित हुई दुनिया

इसकी स्पीसड 50 नॉट है। समुद्री छिपकली के आकार वाले इस ड्रोन को सेटेलाइट के जरिए संचालित किया जाएगा। इस ड्रोन की एक बड़ी खूबी यह है कि इससे चार ट्रैक इकाइयों को एक साथ सं‍चालित किया जा सकता है।

Written by Newsroom Staff April 15, 2019 6:10 pm

बीजिंग। चीन ने एक ऐसा सश्‍स्‍त्र ड्रोन विकसित किया है, जो सेना के तीनों अंगों के लिए उपयोगी होगा। दुनिया में अपनी तरह का यह पहला ड्रोन होगा, जो सेना के तीनों अंगों के साथ मिलकर काम कर सकेगा। वहीं चीनी सैन्‍य विश्‍लेषकों का दावा है कि यह ड्रोन जंग के दौरान थल सेना के साथ नभ और जल सेना लिए काम करेगा।

बता दें, जंग के दौरान जमीनी हमले के संचालन में हवाई ड्रोन और नौसेना का तिकड़ी बनाने में सक्षम है। मिली जानकारी के मुताबिक चीन शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (सीएसआईसी) के तहत आने वाले वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा निर्मित ‘मरीन लिजर्ड’ नामक इस ड्रोन नौका ने डिलिवरी जांच सफलतापूर्वक पार की और वुहान में 8 अप्रैल को फैक्ट्री से बाहर आई। वहीं एक अधिकारी ने बताया कि 1200 किलोमीटर की अधिकतम अभियान रेंज वाली मरीन लिजर्ड को उपग्रहों के माध्यम से रिमोट कंट्रोल किया जा सकता है।

इसकी स्‍पीड 50 नॉट है। समुद्री छिपकली के आकार वाले इस ड्रोन को सेटेलाइट के जरिए संचालित किया जाएगा। इस ड्रोन की एक बड़ी खूबी यह है कि इससे चार ट्रैक इकाइयों को एक साथ सं‍चालित किया जा सकता है। इसके साथ यह प्रति घंटे 20 किलोमीटर की रफ्तार से किसी लक्ष्‍य तक पहुंचने में सक्षम है।

मरीन लिजर्ड के पेलोड में एक इलेक्‍ट्रो ऑप्टिकल सिस्‍टम और एक रडार सिस्‍टम है। यह दुश्‍मन की योजना को पहले ही भांप जाता है। यह दो मशीन गन और विमान रोधी मिसाइलों के लिए वर्टिकल लॉन्चिग सिस्‍टम से युक्‍त है।