भारत में भाजपा सदस्यों की बढ़ती संख्या से हैरान है कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना

दरअसल भाजपा नेताओं की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण से पहले हुई है, यह सम्मेलन 10 से 12 अक्टूबर के बीच ममल्लापुरम में होगा।

Written by: September 11, 2019 3:09 pm

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यता अभियान से सिर्फ देश के विरोधी दल ही नहीं परेशान हैं, बल्कि पड़ोसी देश चीन की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) भी हैरान है। बता दें कि सीपीसी किसी वक्त दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में भाजपा में सदस्यता अभियान चलाकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

 

बता दें कि पार्टी सदस्यों की संख्या के मामले में भाजपा ने 8.8 करोड़ सदस्यों का नामांकन कर सीपीसी को पीछे छोड़ दिया है। गौरतलब है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में चीन का दौरा करने वाले प्रतिनिधिमंडल से सीपीसी अधिकारियों ने पार्टी की सदस्यता स्ट्रक्चर पर भाजपा नेताओं से काफी सवाल किये। इन सवालों में संगठन निर्माण और चुनाव के दौरान भाजपा अपनी पार्टी मशीनरी का प्रयोग कैसे करती है, जैसे सवाल शाामिल थे। भाजपा नेताओं से पूछा गया कि भाजपा अपने सदस्यता अभियान का संचालन कैसे करती है?

प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा ने बताया कि “जब हमने उनसे कहा कि हमारी पार्टी के सदस्यों की संख्या जितनी थी, हम उससे ज्यादा सदस्यों को जोड़ चुके हैं, तो वे काफी हैरान थे। दरअसल वे जानना चाहते थे कि पिछले 5 वर्षों में हमने पार्टी का निर्माण कैसे किया है। हम चुनाव के लिए पार्टी मशीनरी का उपयोग कैसे करते हैं।”

आपको बता दें कि महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में 11 सदस्यीय भाजपा टीम ने 26 अगस्त से 1 सितंबर के बीच सीपीसी के निमंत्रण पर चीन का दौरा किया था। भाजपा नेता ने बताया सीपीसी के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी के अभूतपूर्व उदय के बारे में जानने के लिए उत्सुक थे। उन्होंने कहा कि वे यह जानकर दंग रह गए कि भाजपा सदस्यों की संख्या 18 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।

भाजपा नेता ने कहा कि सीपीसी सदस्यों ने उन्हें बताया कि मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के कदम ने भारत और चीन के बीच डायनामिक्स को बदल दिया है। हालांकि, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और मौजूदा सीमाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

भाजपा की विदेश नीति विभाग के प्रमुख विजय चौथाईवाले ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और भारत के नक्शे या सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। वैश्विक मंच पर चीन के विचारों और कार्यों के कारण हमने धारणा की लड़ाई लड़ी और इसके बावजूद हम अपनी यात्रा को जारी रखना चाहते थे। यह स्पष्ट संकेत है कि हम बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखने के इच्छुक हैं।’

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दरअसल भाजपा नेताओं की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण से पहले हुई है, यह सम्मेलन 10 से 12 अक्टूबर के बीच ममल्लापुरम में होगा। इस यात्रा के दौरान भाजपा नेता ने कहा, ‘हमने उनसे कहा कि व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति सहित अन्य विषयों पर पार्टी से पार्टी के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने की जरूरत है।’

इस यात्रा में बॉलीवुड को लेकर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘सीपीसी नेताओं ने भारत को इसका लाभ उठाने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि बॉलीवुड फिल्में चीन में काफी लोकप्रिय हैं और उनकी बहुत अधिक मांग है और इसे आगे भी बढ़ाया जाना चाहिए।’

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने सीपीसी की स्थायी समिति के सदस्य ये हेंकिन, गुओ येझुहो और सीपीसी के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के उप-मंत्री और अंतर्राष्ट्रीय विभाग के प्रमुख सांग ताओ से भी मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री अमित शाह के एक पत्र को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को सौंपा। बता दें कि सीपीसी के एक प्रतिनिधिमंडल के जल्द ही भारत आने की उम्मीद है।