अमेरिका की चीन को दो टूक- मसूद पर बैन नहीं तो शांति का मिशन होगा फेल

अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने पर चीन का विरोध क्षेत्रीय स्थिरता पर अमेरिका के साथ इसके पारस्परिक लक्ष्य के विपरीत है। 

Written by: March 13, 2019 11:40 am

न्यूयॉर्क। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने पर चीन का विरोध क्षेत्रीय स्थिरता पर अमेरिका के साथ इसके पारस्परिक लक्ष्य के विपरीत है।

donald trump and xi jinping

विदेश विभाग के उप प्रवक्ता रॉबर्ट पैलाडिनो ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान स्थित जेईएम के संस्थापक और सरगना के रूप में अजहर संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने व प्रतिबंधित होने के मानदंड को पूरा करता है।

Robert Palladino

पैलाडिनो ने वॉशिंगटन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि वह (मसूद अजहर) जेईएम का नेतृत्व करता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है और “कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार है और क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए खतरा है।”

चीन ने अजहर को अपने संरक्षण में रखा है और उसे एक वैश्विक आतंकवादी घोषित के प्रयास के विरोध में वीटो करता रहा है। पैलाडिनो ने कहा, “अमेरिका और चीन क्षेत्रीय स्थिरता और शांति कायम करने को लेकर एक आपसी हित साझा करते हैं और अजहर को नामित करने में विफलता इस लक्ष्य के विपरीत है।”

जेईएम द्वारा 14 फरवरी को सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर आत्मघाती हमला करने के बाद फ्रांस अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए ब्रिटिश और अमेरिका के साथ मिलकर नए सिरे से प्रयास कर रहा है। हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। इन प्रयासों के बारे में पैलाडिनो ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के प्रयासों पर अमेरिका और भारत एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।