अमेरिका की चीन को फटकार- घर में मुस्लिमों को प्रताड़ित करता है, UN में आतंकियों को बचाता है

हिंसक इस्लामिक आतंकी संगठनों को यूएन के प्रतिबंध से बचाने के लिए अमेरिका ने चीन को खरी खोटी सुनाई है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने चीन की आलोचना करते हुए कहा कि चीन अपने घर में लाखों मुस्लिमों को प्रताड़ित करता है, लेकिन हिंसक इस्लामिक आतंकी संगठनों को यूएन के प्रतिबंध से बचाता है।

Written by: March 28, 2019 10:53 am

नई दिल्ली। हिंसक इस्लामिक आतंकी संगठनों को यूएन के प्रतिबंध से बचाने के लिए अमेरिका ने चीन को खरी खोटी सुनाई है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने चीन की आलोचना करते हुए कहा कि चीन अपने घर में लाखों मुस्लिमों को प्रताड़ित करता है, लेकिन हिंसक इस्लामिक आतंकी संगठनों को यूएन के प्रतिबंध से बचाता है।

donald trump and xi jinping

बुधवार को माइक पॉम्पियो ने ट्वीट करके कहा, “दुनिया मुस्लिमों के प्रति चीन के शर्मनाक पाखंड को बर्दाश्त नहीं कर सकती. एक तरफ चीन अपने देश में 10 लाख से अधिक मुस्लिमों को प्रताड़ित करता है और दूसरी तरफ यह हिंसक इस्लामिक आतंकी समूहों को यूएन में प्रतिबंध से बचाता है।”

एक अन्य ट्वीट में माइक पॉम्पियो ने लिखा कि चीन ने अप्रैल 2017 से 10 लाख उइगर समुदाय और अल्पसंख्यकों को शिनजियांग के नजरबंदी कैंपों में रखा है। अमेरिका उनके और उनके परिवार के साथ खड़ा है। चीन को उन्हें रिहा करना चाहिए।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए प्रस्ताव पेश किया गया था, लेकिन चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर मसूद अजहर को बचा लिया था।