भारत के साथ सीमा विवाद पर नेपाल के तेवर हुए नरम, विदेश मंत्री ने दिया ये बयान

नेपाल (Nepal) के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली (Pradeep Kumar Gyawali) ने कहा कि नेपाल और भारत (India) के बीच क्षेत्रीय विवाद केवल बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है।

Avatar Written by: August 13, 2020 9:45 pm

नई दिल्ली। सीमा विवाद को लेकर भारत और नेपाल के बीच तनाव का माहौल है। इस बीच भारत के लिंपियाधुरा, कापालानी और लिपुलेख को अपना हिस्सा बताकर नया राजनीतिक नक्शा जारी करने वाले नेपाल के तेवर अब नरम पड़ चुके हैं। मोदी सरकार के सख्त रवैये के चलते नेपाल अब भारत के साथ सिर्फ बातचीत के जरिए ही सीमा विवाद के हल की बात कर रही है। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच क्षेत्रीय विवाद केवल बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। नेपाल के एक सरकारी टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में ये बात कही।

KP Sharma And PM Narendra Modi

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली का ये बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय राजदूत विजय मोहन क्वात्रा और नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी 17 अगस्त को द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

बता दें कि नेपाल द्वारा भारतीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों को अपने नक्शे में शामिल किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव का माहौल चल रहा है। नेपाल ने अपना नए नक्शे में भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्र में शामिल कर लिया है। इस नक्शे को नेपाल की संसद से भी मंजूरी मिल चुकी है।

India nepal

8 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के धारचुला को लिपुलेख दर्रे से जोड़ने वाली सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था।

नेपाल ने इसका विरोध किया। उसने दावा किया कि यह सड़क उसके क्षेत्र से होकर गुजरती है। इसके कुछ समय बाद नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी किया, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को उसके क्षेत्र में दिखाया गया है. भारत इन इलाकों को अपना मानता है। इसके बाद जून में नेपाल की संसद ने देश के नए राजनीतिक मानचित्र को मंजूरी दे दी, जिसपर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया था।