आधी रात को इमरान खान ने किया राष्ट्र के नाम संबोधन, जानिए क्या-क्या कहा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार आधी रात को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान ने प्रतिज्ञा ली कि ‘देश को कर्ज में डुबोने वाले चोरों’ को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

Written by Newsroom Staff June 12, 2019 2:37 pm

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार आधी रात को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान ने प्रतिज्ञा ली कि ‘देश को कर्ज में डुबोने वाले चोरों’ को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

एक तरफ इमरान खान की सरकार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है, दूसरी तरफ कई राजनेताओं की गिरफ्तारियों से सियासी हंगामा भी मचा हुआ है। मंगलवार को विपक्षी दल के नेता हमजा शहबाज और MQM संस्थापक अल्ताफ हुसैन की गिरफ्तारी हुई। इससे पहले सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भी गिरफ्तार किया गया था।

अपने संबोधन में इमरान खान ने राजनीतिक और आर्थिक हालात को लेकर देशवासियों को विश्वास में लेने की कोशिश की। पाकिस्तानी पीएम ने देश की आर्थिक तंगहाली के लिए राजनीतिक दलों पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) को जिम्मेदार ठहराया।

बजट के ऐलान के कुछ घंटे बाद संबोधन में इमरान ने कहा, पाकिस्तान आर्थिक तौर पर अब स्थिर है और मेरी सरकार दिवालिया होने के किसी तनाव में नहीं है,अब मैं उन लोगों (विपक्षी दलों) के पीछे पड़ूंगा और देश की संपत्ति लूटने पर उनसे हिसाब लूंगा।

इमरान ने अपने संबोधन में एक उच्च स्तरीय जांच आयोग बनाने का ऐलान किया। इमरान ने कहा, इस जांच आयोग का केवल एक एजेंडा होगा कि विपक्षी दलों ने 10 वर्षों में पाकिस्तान पर 24000 अरब का कर्ज कैसे चढ़ा दिया? इसमें सारी बड़ी जांच संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा।

प्रधानमंत्री इमरान ने कहा कि नवाज शरीफ और जरदारी के बीच एक समझौता हो गया कि दोनों बारी-बारी से पांच वर्षों के लिए शासन करेंगे और एक-दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे। इन दोनों की साझेदारी की वजह से 6000 अरब रुपए का कर्ज 30,000 अरब रुपए तक पहुंच गया।

इमरान ने एमनेस्टी स्कीम का फायदा उठाने की भी अपील की और चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तानी नागरिक 30 जून तक अपनी बेनामी संपत्तियों और अकाउंट का ऐलान नहीं करते हैं तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। इससे पहले दिए राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने बेनामी संपत्तियों को लेकर सभी पाकिस्तानियों को चेतावनी दी थी।

बता दें कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 6 अरब डॉलर का कर्ज लिया है जिसके लिए आईएमएफ की कर राजस्व बढ़ाने समेत कई कड़ी शर्तें पाकिस्तान को माननी पड़ी है। यह बजट भी आईएमएफ की इन्हीं कड़ी शर्तों के बीच पेश किया गया।