जी20 शिखर सम्मेलन: अमेरिका को घेरने के लिए भारत-रूस की मदद ले सकता है चीन

जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका की घेराबंदी करने के लिए चीन भारत और रूस की मदद ले सकता है। जापान के ओसाका में इस हफ्ते होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अमेरिका की एकतरफा व्यापार नीतियों पर चर्चा करेंगे।

Written by: June 25, 2019 1:54 pm

नई दिल्ली। जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका की घेराबंदी करने के लिए चीन भारत और रूस की मदद ले सकता है। जापान के ओसाका में इस हफ्ते होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अमेरिका की एकतरफा व्यापार नीतियों पर चर्चा करेंगे।

बता दें कि चीनी राष्ट्रपति इस सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मिलने वाले हैं, इस दौरान दोनों के बीच लंबे समय से जारी व्यापार युद्ध पर चर्चा होगी। जापान के ओसाका में 28-29 जून को जी20 सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्राअध्यक्ष शामिल होंगे।

चीनी विदेश मंत्री झांग जुन ने कहा कि चीन के भारत और रूस के साथ संबंध इन दिनों में अच्छे रहे हैं। जिनपिंग इन्हीं रिश्तों की गर्माहट का इस्तेमाल अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर जमीं बर्फ को पिघलाने में करेंगे। तीनों नेताओं की मुलाकात महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस वक्त भारत-चीन और रूस के अलावा दुनिया के अन्य कई देश अमेरिका के व्यापारिक रवैये से परेशान हैं।

भारत भी झेल रहा है अड़ियल रवैया
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि चीन की ही तरह भारत भी अमेरिका के अड़ियल रवैये को झेल रहा है। हाल ही में अमेरिका ने भारत को जीएसपी से बाहर किया है। ऐसे में उम्मीद है कि भारत अमेरिका की व्यापारिक मनमानी के खिलाफ चीन का साथ देगा।

व्यापार पर चीन अमेरिका दोनों नरम पड़ें
बीजिंग ने राष्ट्रपति जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की जी20 सम्मेलन से इतर होने वाली बैठक से पहले सोमवार को कहा कि व्यापार के मुद्दे पर चीन अपनी संप्रभुता की एवज में कोई बात स्वीकार नहीं करेगा। इस मुद्दे पर दोनों देशों को थोड़ा-थोड़ा नरम पड़ना होगा। अमेरिका चीन से बड़े पैमाने पर व्यापार घाटे को कम करने की मांग कर रहा है, जो पिछले साल 539 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया था।