
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के दौरे से पहले अमेरिका ने अपना रुख बदल लिया है। रूस से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को अमेरिका ने जोर का झटका दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि यूक्रेन को नाटो में आने का सपना छोड़ देना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि शायद नाटो में शामिल होने का यूक्रेन का सपना है कि ये चीज (युद्ध) शुरू हुई। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को बहुत अधिक सुरक्षा की गारंटी भी अमेरिका नहीं देने जा रहा। यूरोप को उसे सुरक्षा देने देंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूरोप यूक्रेन का पड़ोसी है, लेकिन हम सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ठीक रहे। ट्रंप का ये बयान पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के रुख से अलग है। बाइडेन ने नाटो में यूक्रेन को शामिल करने का समर्थन किया था।
JUST IN: 🇺🇸🇺🇦 US President Trump says Ukraine can “forget about” joining NATO. pic.twitter.com/9GMvFPJs4n
— BRICS News (@BRICSinfo) February 26, 2025
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शुक्रवार को अमेरिका आ रहे हैं। अगर वो चाहेंगे, तो दुर्लभ खनिजों के बारे में हजारों अरब डॉलर का समझौता हो सकता है। इस बीच, खबर है कि अमेरिका के दूत कीथ केलॉग ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात की। पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रे डूडा ने भी जेलेंस्की को अमेरिका से समझौता करने की सलाह दी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध खत्म करने की कसम खाई है। ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान दावा किया था कि अगर वो चुने जाते हैं, तो एक हफ्ते में रूस और यूक्रेन का युद्ध खत्म करा देंगे। बीते दिनों ही अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाकर दोनों देशों का युद्ध रोकने पर वोटिंग कराई थी। इन प्रस्तावों में अमेरिका ने ये नहीं लिखा था कि रूस ने यूक्रेन पर पहले हमला किया।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को 3 साल हो चुके हैं। 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन अपने डोनबास इलाके में रूसी मूल के लोगों पर अत्याचार कर रहा है। साथ ही समझौता तोड़कर वो नाटो में शामिल होना चाहता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों की सैन्य और आर्थिक मदद के कारण यूक्रेन अब तक रूस से लड़ता रहा है, लेकिन अगर ये मदद बंद हो गई, तो रूस के सामने यूक्रेन का टिक पाना मुश्किल हो जाएगा। रूस ने फिलहाल यूक्रेन के क्रीमिया समेत 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर रखा है।