newsroompost
  • youtube
  • facebook
  • twitter

Ukraine Crisis: पुतिन के कदमों से अमेरिका और नाटो में बेचैनी, प्रतिबंध लगाया पर जंग लड़ने से बाइडेन का इनकार

बाइडेन ने सवाल उठाया और कहा कि रूसी राष्ट्रपति ज्यादा इलाके पर कब्जा करने के लिए एक तर्क दे रहे हैं। हम रूस को उसके शब्दों की जगह कार्यों से आंकेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पुतिन किसी सूरत में यूक्रेन के किसी हिस्से को अलग राष्ट्र की मान्यता देने का हक नहीं रखते।

वॉशिंगटन। ब्रिटेन के बाद अब अमेरिका ने भी रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। यूक्रेन पर रूसी हमले को रोकने के लिए ये सारी कवायद हो रही है, लेकिन अमेरिका और नाटो के सदस्य देश अब भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के कदमों से बेचैन हैं। हालत ये है कि रूस पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि वो हर संभव कदम उठाएंगे, लेकिन जंग लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। बाइडेन ने सवाल उठाया और कहा कि रूसी राष्ट्रपति ज्यादा इलाके पर कब्जा करने के लिए एक तर्क दे रहे हैं। हम रूस को उसके शब्दों की जगह कार्यों से आंकेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पुतिन किसी सूरत में यूक्रेन के किसी हिस्से को अलग राष्ट्र की मान्यता देने का हक नहीं रखते। बता दें कि पुतिन ने सोमवार देर रात यूक्रेन के अलगाववाद वाले डोनेत्स्क और लुहांस्क को अलग देश की मान्यता दे दी थी।

Russia seizing Ukraine's ships

बाइडेन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कूटनीति से अब भी रास्ता निकल सकता है। उन्होंने कहा कि रूस पर पिछली बार से ज्यादा प्रतिबंध लगाए जाएंगे। प्रतिबंध में रूस को पश्चिम से एक भी पैसा हासिल करने में दिक्कत होगी। इसके अलावा वहां के कुलीन वर्ग पर भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। बाइडेन ने कहा कि उन्होंने रूस के दो बड़े वित्तीय संस्थानों वीईबी और रूसी सैन्य बैंक पर प्रतिबंध लागू कर दिए हैं और उसके संप्रभु कर्ज पर भी रोक लगाई गई है। इससे पहले ब्रिटेन ने रूस के 5 बैंकों पर प्रतिबंध लगाए थे। रूस ने हालांकि कहा है कि उसपर पहले भी कई बार प्रतिबंध लग चुके हैं, लेकिन उनका कोई असर नहीं हुआ और अब भी ऐसा ही होगा।

ukraine

खबर ये भी है कि अमेरिका अब यूक्रेन को रूस के किसी भी हमले से बचाने के लिए उसके चारों तरफ घेराबंदी कर रहा है। अमेरिका ने बाल्टिक देशों में अपने सैनिक भेजने शुरू किए हैं। पोलैंड में पहले ही वो सैनिकों और युद्ध के साजोसामान का जमावड़ा कर चुका है। इसके अलावा यूक्रेन को भी हर तरह की सैन्य मदद दी जा रही है। ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने भी कहा था कि वो यूक्रेन को मदद के तौर पर घातक हथियार भेजेंगे। इस बीच, रूस की ओर से अब इस मामले में चुप्पी साध ली गई है। बताया जा रहा है कि उसके टैंक और सैनिक अब डोनेत्स्क और लुहांस्क में तैनात हो चुके हैं। रूस ने ये भी कहा है कि डोनबास का वो इलाका भी नए घोषित देशों का है, जहां यूक्रेन ने सैन्य कब्जा कर रखा है।