News Room Post

Deutsche Bank: अमेरिका के दो बैंक के बाद अब यूरोप के बड़े डॉयचे बैंक के दिवालिया होने का खतरा, शेयरों में बड़ी गिरावट

डॉयचे बैंक में पिछले दिनों कई बदलाव किए गए। यहां तक कि इसका नेतृत्व करने वालों की टीम भी बदली गई है। फिर भी बैंक के शेयरों की कीमत लगातार गिर रही है। सीडीएस में हुई बढ़ोतरी भी कम नहीं हो सकी है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो इसका हाल भी क्रेडिट सुइस की तरह हो सकता है।

deutsche bank 1

बॉन। अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) और सिग्नेचर बैंक दिवालिया हो चुके हैं। स्विटजरलैंड में क्रेडिट सुइस की हालत पस्त है। अब एक और बड़े यूरोपीय बैंक पर संकट आता दिख रहा है। ये जर्मनी का नामचीन और बड़ा डॉयचे बैंक है। डॉयचे बैंक के शेयरों की कीमत में बड़ी गिरावट आई है। जानकारी के मुताबिक डॉयचे बैंक से जिन क्रेडिट्स को बीमा सुविधा मिलती है, उनके डिफॉल्ट होने की दर बीते 4 साल में सबसे ज्यादा हो गई है। इसका असर ही डॉयचे बैंक पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में डॉयचे बैंक के शेयरों में अब तक 14 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

डॉयचे बैंक अपने क्रेडिट्स को क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप यानी सीडीएस देता है। ये एक किस्म का बीमा है। कंपनी के बॉन्ड लेने वालों को डॉयचे बैंक सीडीएस के जरिए किसी भी तरह के डिफॉल्ट के खिलाफ सुरक्षा देता रहा है। खबरों के मुताबिक डॉयचे बैंक के इसी सीडीएस में 200 बेसिस प्वॉइंट की बढ़ोतरी हुई है। ये साल 2019 के बाद से सबसे ज्यादा है। सीडीएस में इस बढ़ोतरी की वजह से ही डॉयचे बैंक पर से निवेशकों का भरोसा टूटता दिख रहा है और बिकवाली के दबाव में बैंक के शेयर हैं।

डॉयचे बैंक में पिछले दिनों कई बदलाव किए गए। यहां तक कि इसका नेतृत्व करने वालों की टीम भी बदली गई है। फिर भी बैंक के शेयरों की कीमत लगातार गिर रही है। सीडीएस में हुई बढ़ोतरी भी कम नहीं हो सकी है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो इसका हाल भी क्रेडिट सुइस की तरह हो सकता है। क्रेडिट सुइस को तो स्विटजरलैंड के एक दूसरे बैंक एचएसबीसी ने बचा लिया, लेकिन डॉयचे बैंक को बचाने में काफी दिक्कतें आ सकती हैं। अगर डॉयचे दिवालिया होता है, तो दुनियाभर में असर पड़ेगा। इसकी वजह ये है कि डॉयचे की तमाम शाखाएं अन्य देशों में हैं और इनमें अच्छे खासे खाताधारकों की संख्या भी है।

Exit mobile version