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Thank You For Coming Review: महिला सशक्तिकरण के नाम पर चरम सुख ढूंढती लड़की की कहानी है थैंक यू फॉर कमिंग, आएगी B-ग्रेड वाली फीलिंग

Thank You For Coming Review: देश में महिलाओं की सेक्सुअल सुख को कोई अहमियत नहीं दी जाती है। फिल्म का टॉपिक बहुत अच्छा है लेकिन इसी दिखाने का तरीका और बेकार के डायलॉग ने फिल्म को किरकिरा कर दिया है तो चलिए फिल्म की कहानी से शुरुआत करते हैं।

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नई दिल्ली।भूमि पेडनेकर, शहनाज गिल, कुशा कपिला, शिबानी बेदी स्टारर फिल्म थैंक यू फॉर कमिंग’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में भरपूर से’क्स और नग्रता है, जिससे देखकर शायद आपको बी ग्रेड वाली फीलिंग आ सकती है। फिल्म में महिला सशक्तिकरण के नाम पर एक ऐसी लड़की कहानी दिखाई गई है, जोकि ऑर्गेज्म की तलाश में किसी के साथ भी सोने के लिए तैयार है, लेकिन ये बात भी सच है कि देश में महिलाओं की सेक्सुअल सुख को कोई अहमियत नहीं दी जाती है। फिल्म का टॉपिक बहुत अच्छा है लेकिन इसी दिखाने का तरीका और बेकार के डायलॉग ने फिल्म को किरकिरा कर दिया है तो चलिए फिल्म की कहानी से शुरुआत करते हैं।

महिला सशक्तिकरण के नाम पर ‘कुछ भी” है फिल्म

फिल्म कनिका कपूर (भूमि पेडनेकर) की है जो 30 साल की हो चुकी है लेकिन उन्हें अभी तक ऑर्गेज्म महसूस नहीं हुआ है। ऑर्गेज्म की तलाश में वो किसी के साथ भी सोने के लिए आतुर दिखती हैं। जिसमें पड़ोसी से लेकर बुड्ढे तक शामिल हैं। फिल्म में भूमि को एक ऐसी लड़की के तौर पर दिखाया गया है,जिसे किसी से प्यार नहीं है, भावनाएं नहीं है, लेकिन फिर भी वो ऑर्गेज्म के लिए किसी के साथ भी हमबिस्तर होने के लिए तैयार है।

हालांकि  राहुल (सुशांत दिवगीकर) और  55 साल के प्रोफेसर (अनिल कपूर) के साथ संबंध बनाने के बाद कनिका कपूर (भूमि पेडनेकर) पड़ोसी से शादी करने के लिए राजी हो जाती हैं लेकिन अपनी ही सगाई में वो नशे की हालत में किसी के साथ हमबिस्तर हो जाती हैं और उन्हें जिस  ऑर्गेज्म की तलाश थी, वो मिल जाता है..। अब होश में आने पर उन्हें याद नहीं है कि वो किसके साथ हमबिस्तर हुई है। उस शख्स की तलाश जारी है।

नग्नता से भरे सीन्स की है बहार

फिल्म में बेवजह के सेमी न्यूड सीन्स की बहार है और बड़े ही अजीब तरह के डायलॉग का इस्तेमाल किया गया। जैसे बच्चों से ये कहना- ‘जब तैयार हो, तब सेक्स करो’, ‘वीर जारा टाइप प्यार, सावित्री बनो तो बोर, सविता भाभी बनो तो वेश्या। इसके अलावा भूमि का हर बात में  बेवजह कपड़े उतारना भी खटक रहा है क्योंकि कोई भी महिला, सशक्तिकरण और ऑर्गेज्म के नाम पर किसी के साथ भी बिना किसी फीलिंग के हमबिस्तर नहीं होती है। वहीं फिल्म में शहनाज गिल को कम स्पेस मिला है और ये समझ पाना कि वो फिल्म में हैं क्यों…बहुत मुश्किल है, जबकि डॉली और शिबानी बेदी ने अपना रोल अच्छे से प्ले किया है।

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