नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल संसद से पास हो गया है। अब राष्ट्रपति के दस्तखत के साथ ही ये कानून बन जाएगा। वक्फ संशोधन कानून के संबंध में कई मुस्लिम संगठन, नेता और विपक्षी दल सवाल खड़े कर रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल को पास कराकर बीजेपी की केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है। ऐसे में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद का अहम बयान आया है। रविशंकर प्रसाद ने न्यूज चैनल एनडीटीवी से कहा कि वक्फ संशोधन के जरिए किसी भी मस्जिद, कब्रिस्तान वगैरा को नहीं छुआ जाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन से मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को फायदा होगा।
#TheBigFight | Waqf amendment ahead of state polls: Political faultlines deepen
In an exclusive conversation with NDTV’s @maryashakil, Senior BJP leader and former Law Minister Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) ensured that ‘No Mosques Will Be Touched’. pic.twitter.com/drqJfwtwmm
— NDTV (@ndtv) April 4, 2025
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से मुस्लिम समाज की विधवा महिलाओं और गरीबों की मदद होगी। बीजेपी सांसद ने कहा कि वक्फ धार्मिक नहीं, कानूनी संस्था है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुतवल्ली यानी वक्फ के प्रबंधक का संपत्ति पर कोई हक नहीं होता। वक्फ की संपत्ति अल्लाह को जाती है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून के जरिए सबकुछ ऑनलाइन होगा। सभी देख सकेंगे कि वक्फ की संपत्ति कहां है, मुतवल्ली कौन है और जिसने वक्फ किया है, उसके इरादे के मुताबिक संपत्ति का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर कहा कि कुछ लोग 1980 और 1990 के दशक के हिसाब से बदलाव न होने देने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी सांसद ने कहा कि इस मामले में नाटक किया जा रहा है।
वक्फ संशोधन बिल के जरिए बीजेपी ने 2013 के धारा 40 वाले प्रावधान को भी हटा दिया है। वक्फ एक्ट की धारा 40 में व्यवस्था थी कि अगर वक्फ बोर्ड को लगे कि कोई संपत्ति वक्फ है, तो वो उसे अपने कब्जे में ले सकता था। इसके साथ ही नए वक्फ कानून के जरिए लिमिटेशन एक्ट भी लागू होगा। इसके तहत सिर्फ 12 साल के समयकाल में ही वक्फ संपत्ति के बारे में कोर्ट में केस किया जा सकेगा। वक्फ संशोधन बिल को संसद से पास कराने में बीजेपी के सभी दलों ने साथ दिया। इनमें जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू भी शामिल हैं।