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भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में शीतकालीन सत्र के पहले दिन 60 ट्रैक्टर संसद के लिए रवाना होंगे। फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की वैधानिक गारंटी के लिए ट्रैक्टर मार्च भी निकाला जाएगा।

खासकर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य पहुंचाने पर प्रदेश सरकार का खासा जोर रहा है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में 5000 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जा रहे हैं। इन नए उपकेन्द्रों पर जरूरी उपकरण, चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की व्य वस्था् स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जाएगी। इन स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र के खुलने के बाद ग्रामीणों को कई तरह सुविधाएं मिलने लगेंगी।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि राष्‍ट्रीय स्‍तर से ज्‍यादा यूपी में सुधार हुआ है। एनीमिया प्रभावित महिलाओं की संख्‍या में 5.1 प्रतिशत की कमी आई है ।

International flight services : इसकी तस्दीक खुद सरकारी आंकड़े करते हैं कि हमारे देश की आर्थिक व्यवस्था को दुरूस्त करने में अगर किसी उद्योग का सबसे ज्यादा योगदान हैं, तो पर्यटक उद्योग ही है और इसकी सबसे प्रमुख वजह कालंतार में हमारे मुल्क में घटित हुई ऐतिहासिक घटनाएं हैं, जिसके परिणामस्वरूप हमारे देश में विभिन्न प्रकार की ऐतिहासिक इमारतों व स्थलों का निर्माण हुआ।

Video: वीडियो में सुना जा सकता है कि खान साबह गालियों की बौझार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आम आदमी के पोस्टर नहीं फाड़ते, सिर्फ कांग्रेस के ही पोस्टर फाड़ते हैं। साथ में गालियों की बारिश खान साहब जारी रखते हैं।

Punjab: कैप्टन ने कहा कि वह राजस्थान में एक हत्या के मामले में आरोप लगने के कारण मंत्री पद से हटाए गए विधायक (हरीश चौधरी) को सफाई देने के लिए बाध्य नहीं हैं। साथ पंजाब सरकार की तरफ से हरीश चौधरी को बँगला दिए जाने पर भी कैप्टन ने हमला बोलते हुए कहा कि आखिर यहां उनकी रिहायश का खर्च कौन उठा रहा है?

अभी कल की ही तो बात थी, जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच के दौरान भैया जी की तस्वीर ऐसी वायरल हुई कि जिसकी भी नजर गई वो हक्का बक्का रह गया। भैया जी की तस्वीर को लेकर अब लोगों ने खूब मजे लिए। वहीं अब इस भैया जी का सामना जब मीडिया से हुआ तो भैया ने तो नहेला पर दहेला मारते हुए बोले कि हम गुटखा नहीं हम तो मीठी सुपारी खा रहे थे।

Constitution Day: संसद में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, डीएमके, अकाली, शिवसेना, एनसीपी, टीएमसी, आरजेडी, आरएसपी, केरल एम. आईयूएमएल और एआईएमआईएम शामिल नहीं हुई।

इस साल 26 जनवरी को भी किसान आंदोलनकारियों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर दिल्ली में प्रवेश किया था। जिसके बाद लालकिला और कई अन्य इलाकों में जमकर हिंसा हुई थी। हैं। पुलिस के मुताबिक टीकरी, गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर हजारों आंदोलनकारी पहुंचे हैं। अन्य आंदोलनकारी भी बड़ी तादाद में आने को हैं। ऐसे में बीती रात से सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है।