नई दिल्ली। कैसरगंज से बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों का किसानों ने समर्थन किया है। इसके अलावा किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग की है। सनद रहे कि गत दिनों भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत ने बृजभूषण की गिरफ्तारी के लिए सरकार को पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया था। इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया था कि अगर इन पांच दिनों के दरम्यान बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। इसी कड़ी में आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसानों ने पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायत का आयोजन किया था। जिसमे बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए थे, लेकिन इस बीच किसानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और यह विवाद इस कदर बढ़ गया कि किसान आपस में ही भिड़ गए।
परिस्थितियां इस कदर संवेदनशील हो गई कि हाथापाई तक की नौबत आ गई। इस पूरे प्रकरण का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि आयोजनकर्ता खाप पंचायत में शामिल हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए नजर आ रहे हैं, लेकिन इस बीच एक शख्स यकायक मंच पर आता है और आयोजनकर्ता के हाथ से माइक छीनने लगता है। वहीं, आयोजनकर्ता उसे ऐसा करने से रोकता है, लेकिन वो नहीं मानता है। इसके बाद स्थिति हाथापाई तक आ जाती है। फिलहाल इस हाथापाई की मूल वजह क्या है? इसे लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। लेकिन इस पूरे विवाद का वीडियो अभी खासा सुर्खियों में है। आइए, आगे हम आपको पूरा माजरा विस्तार से बताते हैं।
#WATCH | Scuffle breaks out between the members of Khap panchayat during their meeting in support of wrestlers’ protest in Kurukshetra, Haryana pic.twitter.com/Nj15aQgxZ9
— ANI (@ANI) June 2, 2023
दरअसल, महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, लेकिन बृजभूषण ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब कुछ उनके खिलाफ एक साजिश है, जिसे राजनीतिक दुर्भावना से अंजाम दिया जा रहा है। सनद रहे कि गत एक माह से भी अधिक समय से महिला पहलवान बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अभी तक पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। बीते दिनों पहलवानों ने बृजभूषण की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज होकर गंगा में अपने सभी मेडल विसर्जित करने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत के मान-ंमनौव्वल के बाद पहलवानों ने गंगा में मेडल प्रवाहित करने की योजना टाल दी। इसके साथ ही टिकैत ने सरकार को बृजभूषण की गिरफ्तारी के लिए पांच दिनों का समय भी दिया है।
किसान नेता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर इन पांच दिनों के अंदर बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं, बीते गुरुवार को बृजभूषण ने प्रेसवार्ता के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि अगर उनके ऊपर लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई, तो वो फांसी पर लटकने के लिए तैयार हैं। ध्यान रहे कि इससे पहले उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो अपना पॉलीग्राफ, नार्को और लाइव डिडेटक्टर टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। लेकिन उनकी शर्त है कि यह सभी टेस्ट बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक को भी कराना होगा। बृजभूषण के इस फेसबुक पोस्ट के बाद बजरंग पुनिया ने बयान जारी कर कहा था कि वो अपना सभी टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं।
उधर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बीते गुरुवार को पहलवानों के आंदोलन को लेकर सवाल भी उठाया था। उन्होंने पूछा था कि आखिर इन सबके पीछे कौन है? ध्यान रहे कि जब यह मामला प्रकाश में आया था, तो केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था, लेकिन अफसोस निर्धारित समय सीमा संपन्न होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, कई राजनीतिक दल पहलवानों के समर्थन में आ चुके हैं। इस पूरे मसले को लेकर राजनीति भी जारी है। अब ऐसे में यह पूरा माजरा आगामी दिनों में क्या रुख अख्तियार करता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।