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Afghan Crisis: काबुल में फंसे अफगानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पहली बार मिलेगा ई-वीजा, हेल्पलाइन नंबर भी जारी

Modi Shah

नई दिल्ली। अफगानिस्तान (Afghanistan) में आतंकी संगठन तालिबान का कब्जा हो चुका है। अफगानिस्तान में हर तरफ खौफ और दहशत का मंजर नजर आ रहा है। हर जगह तालिबानी लड़ाकों का कब्जा हो चुका है। ऐसे में अफगानिस्तान में बने हालात को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल भारत सरकार ने अफगानिस्तान में बिगड़े हालात को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक वीजा की शुरुआत की है। अफगानिस्तान में मौजूदा गंभीर स्थिति को देखते हुए, गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को भारत आने के इच्छुक अफगानों के आवेदनों को तेजी से ट्रैक करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा की एक नई श्रेणी की घोषणा की।

मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, “एमएचए अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर वीजा प्रावधानों की समीक्षा कर रहा है। भारत में प्रवेश के लिए वीजा आवेदनों को फास्ट ट्रैक करने के लिए ‘ई-आपातकालीन एक्स-विविध वीजा’ नामक इलेक्ट्रॉनिक वीजा की एक नई श्रेणी शुरू की गई है।” वीजा की इस श्रेणी के तहत अफगानों के आवेदनों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी ताकि वे जल्द से जल्द भारत आ सकें।

इसके अलावा भारत सरकार ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल आईडी जारी कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

इस बीच युद्धग्रस्त देश में बिगड़ते हालात की समीक्षा करते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय राजदूत और बाकी कर्मचारियों को वापस लौटने को कहा है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि रविवार भारत अफगानिस्तान में स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। जयशंकर ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा, “काबुल में स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। भारत लौटने की इच्छा रखने वालों की चिंता को समझते हैं। हवाईअड्डा संचालन मुख्य चुनौती है। इस संबंध में भागीदारों के साथ चर्चा की गई है।”


उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति की लगातार निगरानी के लिए विदेश मंत्रालय में अफगानिस्तान प्रकोष्ठ बनाया गया है। मंत्री ने आगे ट्वीट किया, “हम काबुल में हिंदू और सिख समुदाय के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। उनके कल्याण पर हमारी प्राथमिकता होगी।”

एक सूत्र ने कहा, “सरकार अफगानिस्तान में विकसित स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और भारतीय और साथ ही राजनयिक कर्मचारियों को निकालने के लिए, सभी आकस्मिक योजनाएं पहले से ही लागू हैं और काबुल में भारतीय दूतावास की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। भारतीय नागरिक किसी भी जोखिम में नहीं हैं।”

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