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Damoh Mission Hospital: दमोह के मिशन अस्पताल में नकली डॉक्टर के हाथ सर्जरी से 7 मरीजों ने गंवाई जान!, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो ने लगाया आरोप

Damoh Mission Hospital: दमोह के संबंधित अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे का कहना है कि ये सही नहीं है और गलत आंकड़े दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस बारे में बाकी जानकारी बाद में दी जाएगी। डीएम सुधीर कोचर के हवाले से मध्य प्रदेश की मीडिया ने बताया है कि अभी मामले की जांच चल रही है। वहीं, सीएमएचओ का कहना है कि अभी मामले पर गोपनीयता बरतने के लिए कहा गया है। इसलिए कुछ कह नहीं सकते।

NCPCR priyank kanoongo

दमोह। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने दमोह के मिशन अस्पताल पर बड़ा आरोप लगाया है। प्रियंक कानूनगो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि दमोह के इस अस्पताल में नकली डॉक्टर ने दिल की बीमारी के इलाज के लिए ऑपरेशन किए। जिससे 7 मरीजों की मौत हुई है। मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने आगे लिखा है कि दमोह के संबंधित अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी दिया जाता है। उनका आरोप है कि दमोह के मिशन अस्पताल में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग भी किया गया। प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम दमोह जाकर मिशनरी अस्पताल के बारे में जांच करेगी।

दमोह के मिशन अस्पताल में कथित तौर पर नकली डॉक्टर के हाथ सर्जरी से 7 मरीजों की मौत का मामला फरवरी का बताया जा रहा है। अखबार की खबर के मुताबिक नरेंद्र यादव नाम के शख्स ने अपना नाम एनकेम जॉन बताया और दमोह के मिशन अस्पताल में काम करता रहा। बाल कल्याण समिति नाम की संस्था के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की। उनका ये भी कहना है कि इस मामले की जांच में ढिलाई बरती जा रही है। अब प्रियंक कानूनगो के आरोप के बाद मामला गर्माने के आसार हैं।

आरोप ये लग रहा है कि नरेंद्र यादव नाम के शख्स ने खुद को लंदन का डॉक्टर बताया। अब सवाल ये खड़ा होता है कि अगर प्रियंक कानूनगो का आरोप सही है, तो मिशन अस्पताल चलाने वालों ने कथित डॉक्टर की डिग्री और पहले जहां भी काम किया उसकी जांच क्या नहीं की थी? इस मामले में दमोह के संबंधित अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे का कहना है कि ये सही नहीं है और गलत आंकड़े दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस बारे में बाकी जानकारी बाद में दी जाएगी। डीएम सुधीर कोचर के हवाले से मध्य प्रदेश की मीडिया ने बताया है कि अभी मामले की जांच चल रही है। वहीं, सीएमएचओ का कहना है कि अभी मामले पर गोपनीयता बरतने के लिए कहा गया है। इसलिए कुछ कह नहीं सकते।

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