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Balakot Airstrike: जब भारतीय विमानों से बरसते बमों ने जैश के आतंकियों को ऐसे सुला दी मौत की नींद, बालाकोट एयरस्ट्राइक की बरसी आज

नई दिल्ली। उस बड़ी घटना को आज 4 साल हो गए। हम बालाकोट एयरस्ट्राइक की बात कर रहे हैं। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ की बस पर कार बम से हमला किया था। इससे 42 जवान शहीद हुए थे। इसका बदला लेने का एलान पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। नतीजे में वायुसेना के विमानों ने 26 फरवरी 2019 की तड़के पीओके में बालाकोट समेत जैश के तीन ठिकानों पर बमबारी कर सैकड़ों आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया था। इस ऑपरेशन में वायुसेना के मिराज-2000 विमानों के अलावा फ्लैंकर के तौर पर सुखोई एमके-30 विमानों ने अहम भूमिका निभाई थी।

 एयरबेस से बालाकोट हमले किया

मिराज विमानों का हमलावर बेड़ा ग्वालियर एयरबेस से बालाकोट हमले के लिए भेजा गया था। इन विमानों के दो पैकेज यानी जत्थे थे। जबकि, सुखोई का भी एक पैकेज पीओके में दाखिल हुआ था। कुछ मिराज विमान पाकिस्तानी वायुसेना को चकमा देने के लिए दूसरे रास्ते मुड़े। वहीं, मिराज विमानों का एक जत्था बालाकोट की तरफ गया। जैश के आतंकी तब गहरी नींद में थे। जब मिराज से गिराए गए बमों ने तबाही बरपा दी थी। हमला इतना सटीक और अचानक हुआ था कि पाकिस्तानी वायुसेना को हरकत करने का मौका तक नहीं मिल सका। आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना के सभी विमान और पायलट सकुशल लौट आए थे।

वायुसेना ने जैश के ठिकाने को किया तहस-नहस

बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारतीय विमानों के हमले में कोई जनहानि नहीं हुई। पाकिस्तान ने दावा किया था कि कुछ कौवे और पेड़ ही भारतीय बमों के फटने से नष्ट हुए। जबकि, सैटेलाइट की तस्वीरों ने पाकिस्तान के दावे की पोल खोल दी थी। इन सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हो गया था कि किस तरह एयरस्ट्राइक कर भारतीय वायुसेना ने जैश के ठिकाने को तहस-नहस कर दिया था। बता दें कि पाकिस्तान पर इससे पहले भारतीय सेना ने भी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उस सर्जिकल स्ट्राइक में भी आतंकियों के पनाहगाह तबाह किए गए थे।

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