नई दिल्ली। 1 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने वाली हैं। इस बार बजट से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक मांग ने जोर पकड़ रखा है। ये मांग इनकम टैक्स पर छूट बढ़ाने की है। लोग मांग कर रहे हैं कि 10 लाख तक की आय को पूरी तरह इनकम टैक्स से बाहर रखा जाए। अभी नौकरीपेशा और पेंशनर्स को नए टैक्स रिजीम के तहत 75000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन समेत 7.75 लाख की सालाना आय पर इनकम टैक्स नहीं देना होता। वित्त मंत्री ने साल 2023 में इतनी आय पर टैक्स छूट का एलान किया था। चर्चा इसकी है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 15 से 20 लाख तक सालाना आय पर 25 फीसदी इनकम टैक्स का नया स्लैब ला सकती हैं।
इस तरह की खबरें सूत्रों के हवाले से आई हैं कि नए इनकम टैक्स नियमों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट के दौरान पेश करेंगी। इसके तहत पुराने टैक्स रिजीम को खत्म भी किया जा सकता है। अब इन सब चर्चाओं में कितना दम है और नए टैक्स रिजीम के तहत 10 लाख तक की आय इनकम टैक्स से मुक्त होगी या नहीं, ये वित्त मंत्री के बजट भाषण से ही साफ होगा। हालांकि, अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 10 लाख रुपए तक की सालाना आय को इनकम टैक्स से छूट देती हैं, तो इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा होगा और इससे खरीदारी बढ़ने के साथ ही अर्थव्यवस्था गति पकड़ सकती है।
वित्त मंत्री हर बार की ही तरह इस बार भी बजट को किसान, महिला, युवा पर फोकस कर सकती हैं। दिल्ली में 5 फरवरी को विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में तमाम लोकलुभावन वादे भी बजट में हो सकते हैं। अगर इनकम टैक्स में राहत दी जाती है, तो इसका भी फायदा बीजेपी को दिल्ली के चुनाव में हो सकता है। हालांकि, सरकार के पास गरीबों के लिए मुफ्त राशन और आयुष्मान योजना जैसी फ्री वाली स्कीम हैं। पाकिस्तान और चीन से देश की सुरक्षा भी करनी है। इनके लिए धन जुटाने के वास्ते रास्ते खोलने का बड़ा दबाव भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर रहने वाला है। महंगाई दर का 4 फीसदी तक न आना भी बजट पर असर दिखा सकता है। 8 दिन बाद साफ हो जाएगा कि वित्त मंत्री किस मद में आम लोगों को राहत देती हैं और किन मदों से सरकार का खजाना भरने का तरीका अपनाती हैं।