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Narendra Modi And Mohammad Yunus Conversation : पीएम नरेंद्र मोदी से बोले मोहम्मद युनुस, अल्पसंख्यकों पर हमले की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया

Narendra Modi And Mohammad Yunus Conversation : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने दावा किया कि अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की ज्यादातर खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को आश्वस्त किया कि ऐसी घटनाओं के संबंध में सरकार कड़ी निगरानी रख रही है और इस मामले में कड़े कदम भी उठाए गए हैं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के बीच शुक्रवार को बैंकॉक में बिम्सटेक सम्मेलन से इतर हुई लगभग 40 मिनट की बातचीत के दौरान मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाया था और तत्काल इस पर एक्शन लेने को कहा था। वहीं मोहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी को बताया कि अल्पसंख्यकों पर हमले संबंधी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। एबीपी न्यूज की खबर के अनुसार यूनुस ने दावा किया कि ज्यादातर खबरों में सच्चाई नहीं है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को आश्वस्त किया कि ऐसी घटनाओं के संबंध में सरकार कड़ी निगरानी रख रही है और इस मामले में कड़े कदम भी उठाए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मोहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी से कहा कि अगर वो चाहें तो बांगलादेश में पत्रकारों को भेजकर हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं की पड़ताल करा सकते हैं। बता दें कि मोदी ने बांग्लादेश सरकार से उनके देश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके खिलाफ किए गए अत्याचारों के सभी मामलों की गहन जांच का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी तरह की बयानबाजी से बचा जाना चाहिए। इस दौरान मोहम्मद यूनुस ने मोदी के समक्ष शेख हसीना का मुद्दा भी उठाया था।

उधर, मोहम्मद यूनुस से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एकांउट पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। भारत बांग्लादेश के साथ रचनात्मक और जन-केंद्रित संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है। मैंने बांग्लादेश में शांति, स्थिरता, समावेशिता और लोकतंत्र के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। अवैध सीमा पार करने को रोकने के उपायों पर चर्चा की और हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भलाई के लिए हमारी गंभीर चिंता व्यक्त की।

 

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