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Pakistan vs Taliban: पाकिस्तान के लिए खतरा बना दोस्त तालिबान, समर्थन कर पछता रहे इमरान, लोगों ने कसा तंज, कहा- और दिलाओ मान्यता

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नई दिल्ली। ये क्या हो गया? क्यों हो गया? कैसे हो गया? कब हो गया? आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? विश्वास नहीं हो रहा है। नहीं…नहीं…साहब..आपको कोई गलतफहमी हो रही है। जरा आप एक बार अपनी जानकारी को दुरूस्त करन की जहमत उठा लीजिए। जी बिल्कुल… अभी जो खबर हम आपको बताने जा रहे हैं, उससे रूबरू होने के बाद आप हमसे ऐसा कह सकते हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। ज़रा आप एक बार अपनी जानकारी को दुरूस्त करने की जहमत उठाइए, लेकिन नहीं, हम आपको अपनी दुरूस्त जानकारी के बिनाह पर ही यह बताने रहे हैं कि पाकिस्तान के लिए उसी तालिबान ने मुसीबतें खड़ी कर दी है, जिसकी हिमायती बनने के लिए वजीर-ए-आलम इमरान खान ने पूरी दुनिया से दुश्मनी मोल लेने से कोई गुरेज नहीं किया था।

क्या हिंदुस्तान…क्या अमेरिका… क्या रूस…इमरान खान तालिबानियों की बहती प्रेम की धारा में इस कदर सराबोर हो गए कि उन्होंने दुनिया के शक्तिशाली मुल्कों से भी भिड़ने में कोई गुरेज नहीं किया। आपने इमरान खान का वो वाला वीडियो तो देखा ही होगा, जिसमें वो पूरी दुनिया को पैगाम जारी कर कह रहे हैं कि आप लोग क्यों तालिबानियों का विरोध कर रहे हैं। आखिर तालिबानियों ने गलत ही क्या किया है। वो मुल्क को जम्हूरियत के मुताबिक चलाना चाहते हैं, तो आपको इससे क्या गुरेज हो रहा है। अभी हम जो खबर आपको बता रहे हैं, उसे पूरे तफसील से जानने के बाद आप उस वीडियो को दोबारा देखेंगे, तो आपको ऐसा लगेगा कि इमरान खान कोई कॉमेडी शो कर रहे हैं।

जी वो… इसलिए…क्योंकि तालिबानियों के पक्ष में इमरान खान ने पूरी दुनिया से भिड़ने में कोई गुरेज नहीं किया न। अब वही तालिबान इमरान खान को आंख दिखा रहा है। अब वही तालिबान पाकिस्तान को चुनौती दे रहा है। जिसे लेकर इमरान खान अपने ही देश में चौतऱफा घिर रहे हैं। विपक्षी गुटों समेत देश की आम आवाम उनकी विदेश नीति को लेकर उनकी मजम्मत करती हुई नजर आ रही है। लेकिन इमरान खान के पास कुछ भी कहने सुनने के लिए नहीं है। हालत ऐसी बन चुकी है कि पसीने से तरबतर इमरान खान ने विदेशी पटल पर तालिबानियों का समर्थन कर मुंह में नेवला रख लिया है, जिसे न ही वो बाहर निकाल पा रहे हैं और निगल पा रहे हैं। चलिए, आपको बताते हैं कि आखिर तालिबानी कैसे पाकिस्तानी सेना के लिए मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं।

दरअसल, बीते दिनों पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान से लगती अपनी सीमा पर बाड़ा लगाने की कोशिश की थी। वो वाडा इसलिए लगाया जा रहा था कि दोनों ही देशों के बीच सीमा निर्धारण हो सकें। लेकिन सीमा का निर्धारण तो छोड़िए साहब। यहां तो दूसरा ही बवाल खड़ा हो गया। तालिबानी सेना ने पाकिस्तानी सेना को न महज बाड़ा लगाने से रोका, बल्कि उनके द्वारा लगाए गए बाड़े को अपने हाथों से उखाड़कर फेंक भी दिया और पाकिस्तानी सेना की बेबसी देखकर आपको इमरान खान की विदेश नीति की लाचारी पर तरस ही आएगा कि जब तालिबानियों ने बाड़ों को उखाड़ कर उसे तहस नहस कर दिया, तो उस वक्त पाकिस्तानी सेना किसी लाचार इंसान की तरह मूकदर्शन बनी रही।

उनकी अंदर इतनी भी कुव्वत नहीं रही कि वो तालिबानियों के इस हरकत की मुखालफत कर सकें। वहीं, जंगल में लगती किसी आग की तरह खबर पाकिस्तानी आवाम तक फैली, तो उनका गुस्सा इमरान खान के खिलाफ अपने शबाब पर पहुंच गया। यही नहीं, संसद में यह पूरा माजरा जोरोशोरों से छाया रहा। विरोधी दलों के नेताओं ने इमरान खान की जमकर क्लास लगी दी। इमरान अपने दलों के कई नेताओं के द्वारा विदेशी नीतियों के मसले पर सवालिया कठघरे खड़े कर दिए गए हैं। नेताओं ने कहा कि आखिर जब तालिबान हमारे विरोध में ही इस तरह का कदम अख्तियार कर रहा है, तो उसे इतना सपोर्ट क्यों कर रहे हैं।

क्यों उसे सभी देशों से विवाद मोल लेकर अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की जुगत में मसरूफ हैं इमरान, लेकिन इमरान खान की बेबसी देखिए कि उनके पास न अपने देश में अपने आलोचकों को जवाब देने के लिए कोई जवाब है और न ही उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विरोध में उठ रहे विरोधों का सामना करने की कुव्वत। खैर, अब देखना होगा कि आगे चलकर यह पूरा माजरा क्या रुख अख्तियार करता है।

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