नई दिल्ली। महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने केंद्र सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) पर पूरा भरोसा जताते हुए इसे राज्य के कर्मचारियों के लिए लागू करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने रविवार को यूपीएस को लागू करने का फैसला लिया, जिससे महाराष्ट्र केंद्र की यूपीएस योजना को अपनाने वाला पहला राज्य बन गया है। यूपीएस के तहत, सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति से पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। इस पेंशन के लिए कर्मचारियों को कम से कम 25 वर्षों की सेवा आवश्यक होगी।
✅ राज्य सरकारी कर्मचाऱ्यांना केंद्राप्रमाणे सुधारित राष्ट्रीय निवृत्तीवेतन योजना लागू. मार्च २०२४ पासून अंमलबावणी. लाखो कर्मचाऱ्यांना फायदा.
✅ राज्यातील जास्तीत- जास्त शेतकऱ्यांना दिवसा अखंडित वीज देणार. योजनेची व्याप्ती वाढवली.
✅ गटप्रवर्तकांच्या…
— Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) August 25, 2024
राज्य सरकार ने दी मंजूरी
महाराष्ट्र सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यूपीएस इस वर्ष मार्च से प्रभावी होगा और इसका लाभ राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों को मिलेगा। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल इस साल नवंबर में समाप्त हो रहा है, और अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
Breaking: Maharashtra NDA Govt announces to implement the Unified Pension Scheme (UPS)
Maharashtra becomes the first state in the country to do so.
~ CM Shinde & Devendra Fadnavis take a leap ahead of assembly polls. pic.twitter.com/jaTTCOX1oC— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) August 25, 2024
किसानों के लिए खुशखबरी
मंत्रिमंडल ने राज्य में अधिक किसानों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति योजना के विस्तार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जिससे किसानों को दिन में भी बिजली मिल सकेगी। इसके अलावा, सरकार ने 7,000 करोड़ रुपये की नार-पार-गिरणा नदी जोड़ो योजना को भी मंजूरी दी है, जो मुख्य रूप से नासिक और जलगांव जैसे उत्तरी महाराष्ट्र के जिलों को लाभान्वित करेगी। अधिकारी ने यह भी बताया कि ठाणे जिले में एक महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार 5,000 करोड़ रुपये भी जुटाएगी।