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Howrah Communal Violence: हावड़ा सांप्रदायिक हिंसा मामले में बीजेपी का ये दांव बढ़ा सकता है ममता बनर्जी की मुश्किल, राज्यपाल भी सख्त

Mamata Banerjee

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हावड़ा के शिबपुर में रामनवमी के दिन और फिर शुक्रवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच ममता बनर्जी की सरकार ने सीआईडी को सौंपी है। वहीं, राज्य बीजेपी इकाई ने इस मामले की जांच एनआईए से कराने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अगर शिबपुर हिंसा की जांच एनआईए को देने का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट देता है, तो इससे सीएम ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले में केंद्र सरकार ने भी तल्ख तेवर अपनाए हैं। केंद्र ने राज्य सरकार से राज्यपाल सीवी आनंद बोस के जरिए घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सीवी आनंद बोस ने शुक्रवार रात को ही सीएम ममता बनर्जी को तलब किया था। उन्होंने ममता से लंबी गोपनीय वार्ता की थी। जिसके बाद पश्चिम बंगाल के गृह सचिव ने राज्यपाल से मुलाकात की थी। गृह सचिव ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया था कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए सख्त रवैया अपनाया जाएगा। साथ ही हावड़ा के शिबपुर में हुई हिंसा के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम में राज्यपाल ने जिस तरह सख्त बयान जारी किया, वो पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की घटनाओं के मामले में पहली बार देखा गया।

राज्यपाल और केंद्र सरकार की इस सख्ती से पहले हालांकि, ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस घटना की जिम्मेदारी हिंदू संगठनों पर डाली थी, लेकिन ममता और राज्यपाल के बीच मुलाकात के बाद अब टीएमसी के नेताओं का कहना है कि हिंसा की घटना निंदनीय है और इसकी जांच हो रही है। बता दें कि रामनवमी के दिन जब शिबपुर में हिंसा हुई थी, तो ममता बनर्जी बोली थीं कि पहले ही उन्होंने कहा था कि मुस्लिम इलाके से होकर शोभायात्रा नहीं निकाली जानी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि अभी रमजान चल रहे हैं और मुसलमान इस दौरान कोई गलत काम नहीं करते। इस बयान पर बीजेपी ने ममता को घेर रखा है।

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