नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने सावरकर पर अपमानजनक टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया है। आरोप है कि साल 2022 में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा रैली के दौरान विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी जिस पर उनके खिलाफ निचली अदालत में मुकदमा दर्ज कराया गया था। निचली अदालत ने राहुल गांधी को तलब करने का आदेश देते हुए समन जारी किया था। राहुल ने निचली अदालत के इसी आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, मगर उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया।
बार एंड बेंच के अनुसार सत्र अदालत ने पिछले दिसंबर में राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि सावरकर के बारे में दिए गए उनके बयानों से नफरत और दुर्भावना फैली है। हाईकोर्ट के जज सुभाष विद्यार्थी ने राहुल गांधी की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि राहुल धारा 397 (निचली अदालत के रिकॉर्ड की समीक्षा) के तहत सत्र न्यायाधीश के समक्ष याचिका दायर कर सकते हैं। राहुल गांधी के खिलाफ अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने शिकायत दर्ज कराई थी।
पांडे ने अपनी शिकायत में कहा था कि राहुल गांधी ने सावरकर को अंग्रेजों का गुलाम बताया था और यह भी कहा था कि सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन मिलती थी। जून 2023 में, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे की शिकायत को खारिज कर दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने इस आदेश को सत्र न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी। सत्र न्यायालय ने राहुल के खिलाफ पांडे की याचिका को स्वीकार कर लिया और मामले को वापस मजिस्ट्रेट अदालत में भेज दिया। इसके बाद राहुल गांधी को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा गया।