नई दिल्ली। तीन कृषि कानूनों को जबरदस्त विरोध के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने वापस लेने का एलान किया था। अब मोदी सरकार ऐसा मॉडल ला रही है, ताकि किसान अपनी फसल को सीधे बेच सकें और फसल की बिक्री में बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह बंद किया जा सके। ये एलान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है। गणतंत्र दिवस समारोह में 400 प्रगतिशील किसानों और लाभार्थियों को आमंत्रित किए जाने के बाद दिल्ली के पूसा परिसर में एक कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेत से उपभोक्ता तक के मॉडल से किसानों को अपनी उपज से ज्यादा लाभ मिलेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती ही भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसान इसकी आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के बगैर भारत समृद्ध नहीं बन सकता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खेती राज्य का मामला है, लेकिन केंद्र सरकार किसानों को बड़े पैमाने पर मदद देगी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र के साथ राज्यों की सरकारें भी आपकी मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित बनाने में खेती और किसानों का योगदान अहम रहने वाला है। न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे फसलों की खरीद, तकनीकी से जुड़े खेती संबंधी दिक्कतों को दूर कर समाधान बढ़ाने, कृषि विज्ञान केंद्रों को और मजबूत करने के साथ ही प्राकृतिक खेती और अलग-अलग फसल उगाने को प्रोत्साहन देने की बात कही। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है।
बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तीन कृषि कानून लाए गए थे। इन कानूनों के खिलाफ पंजाब के किसानों ने आंदोलन किया। अब भी हरियाणा की सीमा पर पंजाब के किसान आंदोलन कर रहे हैं। वे एमएसपी की गारंटी और अन्य सुविधाएं चाहते हैं। ऐसे में मोदी सरकार अब किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने जा रही है, ताकि वे सीधे फसल बेचकर ज्यादा मुनाफा हासिल कर सकें। अभी किसानों को अपनी उपज मंडियों में बेचनी होती है। इन जगहों पर बिचौलियों के फेर में पड़ने से उसे उपज की कम कीमत मिलती है। जबकि, पीएम नरेंद्र मोदी ने बार-बार कहा है कि वो किसानों की आय को दोगुना करना चाहते हैं।