मुंबई। एनसीपी प्रमुख शरद पवार, उनकी सांसद बेटी सुप्रिया सुले और उद्धव ठाकरे एक ही नाव पर सवार हो गए हैं। पहले एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे से शिवसेना का नाम और निशान छीन लिया। अब अजित पवार ने अपने चाचा और चचेरी बहन से एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह घड़ी छीन ली। शरद पवार को इसका इलहाम है। इसी वजह से वो कोर्ट जाने की बात न कहकर ये कहते दिखे कि जनता की अदालत में साबित करेंगे कि असली एनसीपी किसकी है।
चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार की इस जंग में सबसे बड़ा नुकसान सुप्रिया सुले का हुआ है। कहां तो जून को उनके पिता शरद पवार ने एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था, लेकिन अब सुप्रिया सुले के हाथ कुछ नहीं बचा। अब सुप्रिया को अपना वजूद कायम रखने के लिए नए सिरे से कसरत और सियासी कवायद करनी होगी।
एनसीपी में अजित पवार के खेल से महाराष्ट्र में उद्धव, शरद और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी को भी झटका लगा है। वहीं, लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों की एकता की कोशिश भी कुछ हद तक डांवाडोल होने के आसार हैं। शरद पवार की जो धमक अब तक सुनाई और दिखाई दे रही थी, वो भी निश्चित तौर पर कमजोर हुई है। अब सबकी नजर विपक्षी दलों की अगली बैठक और उसमें शरद पवार की भूमिका पर है।
बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल उस वक्त देखने को मिला। जब अजित पवार ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार में शामिल हो गए। अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। इसके अलावा छगन भुजबल समेत 9 एनसीपी नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली।
#WATCH | NCP leader Ajit Pawar takes oath as Maharashtra Deputy CM in the presence of CM Eknath Shinde and Deputy CM Devendra Fadnavis pic.twitter.com/3l3p1Fi9nB
— ANI (@ANI) July 2, 2023