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Farmers Protest: आंदोलनकारी किसानों और सरकार के बीच नहीं बनी बात, 5 दिसबंर को होगी अगले दौर की बैठक

meeting with farmers

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को प्रदर्शन का आठवां दिन है। आज दोपहर 12 बजे से विज्ञान भवन में किसान संगठन और सरकार के बीच चौथे दौर की बैठक 7 घंटे तक चली। लेकिन यह बैठक भी बेनतीजा रही। इसमें 32 किसान संगठन और तीन संयुक्त मोर्चा के किसान नेता शामिल हुए। सभी किसान संगठन तीनों कृषि कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं सरकार बीच का रास्ता निकालने की अभी भी हरसंभव कोशिश कर रही है। ऐसे में किसान नेताओं और सरकार के बीच अब अगली बैठक 5 दिसंबर को होगी। इसके साथ ही इस बैठक में आंदोलन खत्म करने को लेकर भी कृषि मंत्री और किसान नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। लेकिन कृषि मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से आग्रह किया कि सरकार उनकी बात सुन रही है इस मामले में आगे बातचीत जारी है ऐसे में किसानों को प्रदर्शन समाप्त कर देना चाहिए। वहीं आज किसानों से चल रही वार्ता के बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे थे। जहां किसान आंदोलन को लेकर आधे घंटे से ज्यादा उनकी बैठक हुई। जिसके बाद सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा था कि इस प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा बढ़ेगा।

किसानों के साथ हुई बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान नेताओं के साथ बैठक का चौथा चरण समाप्त हुआ है। परसों (5 दिसंबर) दोपहर में 2 बजे यूनियन के साथ सरकार की मुलाकात फिर होगी और हम किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचेंगे।

नरेंद्र सिंह तोमर ने आगे कहा कि आज बहुत अच्छे वातावरण में चर्चा हुई है। किसानों ने बहुत सही से अपने विषयों को रखा है। जो बिंदु निकले हैं उन पर हम सब लोगों की लगभग सहमति बनी है, परसों बैठेंगे तो इस बात को और आगे बढ़ाएंगे।


आगे कृषि मंत्री ने कहा कि किसान यूनियन की पराली के विषय में एक अध्यादेश पर शंका है, विद्युत एक्ट पर भी उनकी शंका है। इसपर भी सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन और किसानों की चिंता है कि नए एक्ट से APMC ख़त्म हो जाएगी। भारत सरकार इस बात पर विचार करेगी कि APMC सशक्त हो और APMC का उपयोग और बढ़े।

कृषि मंत्री ने आगे किसानों से अपील करते हुए कहा कि जब बातचीत चल रही है तो खुद और दिल्ली वालों के हित में देखते हुए आंदोलन वापस ले लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को पराली को लेकर चिंता है। मंडियों को खत्म करने की जगह और मजबूत बनाएंगे। मंडी के बाहर पैन कार्ड से ट्रेड संभव हो सकेगा।


सरकार के साथ बैठक के बाद बाहर आए किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने MSP पर संकेत दिए हैं। सरकार बिलों में संशोधन चाहती है। आज बात कुछ आगे बढ़ी है। आंदोलन जारी रहेगा। 5 दिसंबर को इस मामले में फिर से बैठक होगी।


इस आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि किसान भाइयों को किसी भी तरह का भ्रम है तो सरकार पूरी ईमानदारी के साथ उसे दूर करने के लिए काम कर रही है। ये भ्रम जल्द दूर होगा। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी की समस्या यह है कि हर समय सत्ता की सनक और कुर्सी की भनक के लिए उनकी लार टपकने लगती है। उन्हें लगता है कि भय और भ्रम के माहौल में लोगों को गुमराह करने का काम करो, लेकिन उसमें सफलता कभी नहीं मिलेगी।

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