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Waqf Amendment Bill: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पास करा सकेगी मोदी सरकार?, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Waqf Amendment Bill: किरेन रिजिजू ने संकेत दिए हैं कि सरकार संसद का सत्र बढ़ा भी सकती है। रिजिजू ने ये दावा भी किया है कि वक्फ संशोधन बिल को विपक्षी गठबंधन के भी कुछ दलों का समर्थन हासिल है। वहीं, विपक्ष ने एनडीए में शामिल नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी से उम्मीद लगा रखी है कि दोनों दल वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर उसे पास नहीं होने देंगे। कुल मिलाकर संसद में एनडीए और विपक्ष के बीच काफी गर्मागर्मी भी देखने को मिल सकती है।

नई दिल्ली। कल यानी 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश हो सकता है। मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ संशोधन बिल पेश करेंगे। संसद का मौजूदा सत्र 4 अप्रैल तक है। किरेन रिजिजू ने हालांकि संकेत दिए हैं कि सरकार संसद का सत्र बढ़ा भी सकती है। रिजिजू ने ये दावा भी किया है कि वक्फ संशोधन बिल को विपक्षी गठबंधन के भी कुछ दलों का समर्थन हासिल है। वहीं, विपक्ष ने एनडीए में शामिल नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी से उम्मीद लगा रखी है कि दोनों दल वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर उसे पास नहीं होने देंगे। लोकसभा में नीतीश की पार्टी के 12 सांसद हैं। वहीं, चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के 16 सांसद हैं। जबकि, चिराग पासवान की एलजेपी-आर के 5 सांसद हैं।

जेडीयू और टीडीपी के सांसदों के समर्थन के बगैर वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास नहीं हो सकेगा। अगर लोकसभा और राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के सांसदों की संख्या देखें, तो निचले सदन में बहुमत की संख्या 272 है और एनडीए के सांसदों की संख्या 293 है। वहीं, विपक्ष के सांसदों की लोकसभा में संख्या 233 है। राज्यसभा की बात करें, तो यहां अभी 236 सांसद हैं। बीजेपी के 98 मिलाकर राज्यसभा में एनडीए के 115 सांसद हैं। 6 मनोनीत सांसद भी एनडीए के पक्ष में वोट दें, तो ये संख्या 121 पहुंच जाती है। राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल को पास कराने के लिए 119 सांसद चाहिए। ऐसे में एनडीए अगर एकजुट रहता है और मनोनीत सांसद भी साथ देते हैं, तो राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन बिल आराम से पास हो जाएगा।

वक्फ संशोधन बिल का मुस्लिम संगठन और मुसलमान नेता जमकर विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस और विपक्ष के तमाम दल इसे असंवैधानिक बता रहे हैं। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल के बारे में मुसलमानों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा था कि विपक्ष और मुस्लिम संगठन उसी तरह भ्रम फैला रहे हैं, जैसा सीएए कानून के वक्त किया गया। अमित शाह ने तो ये भी कहा कि अगर किसी को दिक्कत होगी, तो वो कानून के खिलाफ कोर्ट भी जा सकता है। किरेन रिजिजू ने भी कहा है कि ये आरोप झूठे हैं कि वक्फ संशोधन बिल के जरिए मोदी सरकार मुसलमानों की संपत्ति हड़प लेगी। उन्होंने मौजूदा वक्फ कानून को असंवैधानिक बताया। रिजिजू ने कहा कि जिन लोगों ने वक्फ की जमीनों को हड़प रखा है, वे ही इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि वक्फ संशोधन बिल से गरीब मुसलमानों का भला होगा। बहरहाल, सबकी निगाह इस पर है कि संसद में जब वक्फ संशोधन बिल पेश होगा, तो पार्टियां इस पर अपनी क्या राय रखती हैं और क्या वाकई ये बिल मुस्लिमों की संपत्त हड़प करेगा।

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